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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन: मेट्रो स्टेशन बंद और ट्रेनें रद्द

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन के चलते मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं और कई ट्रेनें रद्द की गई हैं। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, जिसके चलते महाराष्ट्र से आने वाले युवाओं को इटारसी रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो रही है। सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। जानें इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी।
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दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शन के मद्देनजर, दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। इस बीच, महाराष्ट्र से दिल्ली आने वाले युवाओं को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लेने की खबरें आई हैं। सीजेपी के सदस्यों का आरोप है कि उनके कार्यकर्ताओं को देश के विभिन्न हिस्सों में रोका जा रहा है।


इटारसी में छात्राओं की हिरासत

रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार शाम गोवा एक्सप्रेस के इटारसी पहुंचने पर पुलिस ने छात्राओं को ट्रेन से उतारकर एक स्थानीय होटल के बैंक्वेट हॉल में रखा। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 14 महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इस घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा ले जाते हुए देखा जा सकता है।


दिल्ली में मेट्रो सेवाएं प्रभावित

प्रदर्शन के आह्वान को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली में 50 से अधिक मेट्रो स्टेशनों को बंद किया जाएगा। दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रांसपोर्ट रेंज) ने बताया कि जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर संभावित भीड़ और हंगामे की आशंका के चलते 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा जाएगा। यह स्थिति 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से लागू होगी और 10 अक्टूबर को सामान्य स्थिति बहाल होने तक जारी रहेगी।


कई ट्रेनों का रद्द होना

देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे के अनुसार, 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच इन स्टेशनों पर पहुंचने वाली निर्धारित ट्रेनों पर इसका असर पड़ेगा, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश से आने वाली प्रमुख ट्रेनें भी शामिल हैं।


सुप्रीम कोर्ट में मामला

इस प्रदर्शन को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले सूचना देनी होती है, लेकिन सीजेपी ने ऐसा नहीं किया। इस मामले में कपिल सिब्बल पक्ष रख रहे हैं।


सीजेपी का बयान

सीजेपी के अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, 'हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है। अनुच्छेद 19 हमें विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है, तो फिर अनुमति लेने की आवश्यकता क्यों है? क्या उन्होंने 13 करोड़ वोट हटाने से पहले अनुमति ली थी? क्या आप चाहते हैं कि हम चुनाव में धांधली के खिलाफ आवाज न उठाएं? ऐसा नहीं हो सकता। देश को बचाने के लिए हम विरोध प्रदर्शन करेंगे।' अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील कर रहे हैं।