दिल्ली में चलती बस में महिला के साथ हुई दरिंदगी: पीड़िता की दिल दहला देने वाली कहानी
दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म की घटना
नई दिल्ली: दिल्ली में एक निजी बस में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई महिला ने अपनी दर्दनाक कहानी साझा की है। पीड़िता ने बताया कि उसने आरोपियों से बार-बार गुहार लगाई कि उसे छोड़ दिया जाए, क्योंकि उसके तीन छोटे बच्चे घर पर उसका इंतजार कर रहे थे। फिर भी, आरोपियों ने उसके साथ बर्बरता की।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान उमेश कुमार और रामेंद्र कुमार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
भाई के घर से लौटते समय हुई घटना
पीतमपुरा की 30 वर्षीय महिला ने बताया कि वह अपने भाई की मदद के लिए सुल्तानपुरी गई थी। घर लौटते समय, वह आउटर रिंग रोड पर सरस्वती विहार जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी।
महिला के अनुसार, तभी एक निजी बस वहां रुकी। उसने बस में खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा, जिसके बाद उसे अंदर आने के लिए कहा गया। जैसे ही वह बस में चढ़ी, ड्राइवर ने बस को आगे बढ़ा दिया।
चलती बस में दुष्कर्म की घटना
पीड़िता ने बताया कि बस में कुल तीन लोग थे। एक व्यक्ति ने उसे बस के पीछे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला ने कहा, 'जब वे नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे, तो उन्होंने बस रोक दी और फिर ड्राइवर ने भी मेरा बलात्कार किया।'
बच्चों की याद में गुहार
पीड़िता ने आरोपियों से खुद को छोड़ने की विनती की। उसने कहा, "मैंने उनसे कहा कि मैं आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगी। कृपया मुझे जाने दीजिए। घर पर मेरे तीन बच्चे मेरा इंतजार कर रहे हैं।"
महिला ने यह भी कहा कि "जो हो गया सो हो गया," जिसके बाद आरोपियों ने उसे जाने दिया। बाहर निकलने के बाद, उसने तुरंत पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद, आरोपी रामेंद्र वहां से भाग गया, जबकि उमेश मौके पर ही मौजूद था। पुलिस के पहुंचने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
खून से लथपथ हालत में पीड़िता को पीतमपुरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती होने की सलाह दी। हालांकि, महिला ने कहा कि उसके पति बीमार हैं और उसकी तीन बेटियां घर पर उसका इंतजार कर रही हैं।
