दिल्ली में चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
दिल्ली में प्रदर्शन की लहर
दिल्ली, देश की राजधानी, में पिछले सप्ताह से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 10 अक्टूबर को सीजेपी द्वारा आयोजित प्रदर्शन से पहले, पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को सेंट्रल दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की गई।
राहुल गांधी का नेतृत्व
इस प्रदर्शन का नेतृत्व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे हैं, जो बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर रहे हैं। इस मार्च में इंडिया गठबंधन के कई सांसद भी शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों के जवान और अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद थे।
पुलिस का दोहरा रवैया
पुलिस के रवैये में दोहरापन देखने को मिला है। दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों के साथ वाम दलों के कार्यकर्ता 10 अक्टूबर से चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जैसे ही ये कार्यकर्ता नारेबाजी करते हैं, दिल्ली पुलिस उन्हें तुरंत हिरासत में ले लेती है। किसी भी स्थान पर कार्यकर्ताओं को एकत्रित नहीं होने दिया जा रहा है।
कांग्रेस का सड़कों पर प्रदर्शन
कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर 'वोट चोर', 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो', 'पीएम मोदी मुर्दाबाद' जैसे नारे लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के साथ अलग व्यवहार कर रही है।
विपक्ष की एकजुटता
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आज के प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हो रही हैं। समूचे विपक्ष, सीजेपी और वाम दलों के छात्र संगठनों की मांगें समान हैं, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाना, सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को पूरी तरह से रद्द करने की मांग शामिल है।
