Newzfatafatlogo

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई

दिल्ली में जंतर मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कई रास्ते बंद कर दिए और 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की वजह और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 | 

प्रदर्शन की तैयारी और पुलिस की कार्रवाई


नई दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। पिछले प्रदर्शन से सबक लेते हुए, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई किलोमीटर पहले से रास्ते बंद कर दिए थे। इसके बावजूद, हजारों लोग चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा हुए।


पुलिस ने 11 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया और जंतर मंतर के आसपास भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात किए। सुबह-सुबह आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा को हिरासत में लिया गया।


पुलिस ने लगभग 700 लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें जबरदस्ती बसों में भरकर वहां से हटाया। जंतर मंतर से पांच किलोमीटर दूर रास्ते बंद कर दिए गए थे, जिससे लोगों को लोधी रोड पर रोका गया।


गौरतलब है कि 30 सितंबर को विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का निर्णय लिया गया था। गांधी जयंती के अवसर पर युवाओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।


इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी, वामपंथी दलों और अन्य सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की थी, क्योंकि एसआईआर में 13 करोड़ से अधिक नाम कट चुके हैं।