Newzfatafatlogo

दिल्ली में छात्रों और किसानों का प्रदर्शन: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में छात्रों और किसानों का प्रदर्शन जारी है। छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि किसान भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत आयोजित कर रहे हैं। पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं, और यदि उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 | 

दिल्ली में प्रदर्शन की स्थिति

कल दिल्ली की सड़कों पर छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग किया, लेकिन आज फिर से दिल्ली पुलिस की परीक्षा हो सकती है। आज दिल्ली में दो अलग-अलग मोर्चों पर प्रदर्शन होने जा रहे हैं। एक ओर छात्र अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब के किसान भी दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। किसान संगठनों ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ नया आंदोलन शुरू किया है। इस संदर्भ में किसान आज, 21 जुलाई को दिल्ली में एक महापंचायत आयोजित करने वाले हैं.


किसानों का दिल्ली कूच

किसान घाट पर होने वाली महापंचायत में भाग लेने के लिए पंजाब और अन्य राज्यों से किसान दिल्ली की ओर रवाना हो चुके हैं। पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व 'देश बचाओ मोर्चा' कर रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि सरकार उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं देती है, तो यह आंदोलन और भी तेज किया जाएगा.


किसानों के विरोध का कारण

किसान संगठनों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि सरकार ने इस समझौते पर किसानों से कोई व्यापक चर्चा नहीं की है। किसानों का कहना है कि विदेशी कृषि उत्पादों के भारत के बाजार में आने से उन्हें प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा.


पंजाब से दिल्ली के लिए किसान जत्थे

20 जुलाई से पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान जत्थों में दिल्ली के लिए निकलना शुरू कर चुके हैं। कई स्थानों पर किसान पहले इकट्ठा हुए और फिर वाहनों के काफिलों के साथ राजधानी की ओर रवाना हुए। किसान 550 यूनियनों के साथ होने का दावा कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर कर रहे हैं, जो यह स्पष्ट करते हैं कि यह केवल पंजाब का आंदोलन नहीं है, बल्कि यह कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने का प्रयास है.


बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी

देश बचाओ मोर्चा से जुड़े किसान नेताओं का कहना है कि यह महापंचायत आंदोलन का पहला चरण है। यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर किसानों की आपत्तियों को नहीं सुना, तो देशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। किसान नेताओं ने सरकार से व्यापार समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने और किसानों से चर्चा करने की मांग की है.


दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था

महापंचायत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है। किसान घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि महापंचायत के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे. इसके साथ ही हरियाणा में भी ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है.