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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: पप्पू यादव ने सरकार पर उठाए सवाल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि इंडियन यूथ कांग्रेस के अक्षय लाकड़ा ने कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग की। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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प्रदर्शन का आरंभ

नई दिल्ली - जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ हुई मारपीट के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन शुरू हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता और उनके समर्थक दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्रित हुए हैं। इस प्रदर्शन में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए हैं।


सरकार पर आरोप

प्रदर्शन में भाग लेते हुए पप्पू यादव ने सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “सरकार को दलितों, कमजोर वर्ग, गरीबों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों से इतनी नफरत क्यों है? क्या वे संविधान और लोकतंत्र से ऊपर हैं? वे हमेशा बेटियों पर अत्याचार करते हैं, चाहे वह मणिपुर की हो या दिल्ली की। उनके गुंडे कहते हैं, ‘मैं मंत्री के साथ हूं, मंत्री मेरा भाई है। मैंने किसी को पीटा है, 62 टांके आए हैं, और फिर मारूंगा।’ क्या आप इसे आतंकवादियों का देश बनाना चाहते हैं?”


कानूनी कार्रवाई की जानकारी

इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया, “इस एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट जोड़ा गया है। इसके अलावा, आईपीसी की धारा 308 और 307 जोड़ने के लिए मेडिकल ओपिनियन लिया जा रहा है। आज राजपत्रित अवकाश होने के कारण डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन आज के भीतर इसे फाइनल कर दिया जाएगा।”


दिल्ली पुलिस की भूमिका

अक्षय लाकड़ा ने यह भी बताया कि निशु ने सोशल मीडिया पर रेप की धमकी मिलने की शिकायत की है, जिसे दिल्ली पुलिस ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने कहा, “हमारी मुख्य मांग है कि आरोपी को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन वह अभी दिल्ली में नहीं है। दिल्ली पुलिस उसे लाएगी। हम चाहते हैं कि इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जाए।”


सीजेपी का बयान

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तभी वहां हिंसा हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली में 2,800 से अधिक अपराधियों की पहचान के बावजूद उन्हें क्यों छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, “क्या कानून व्यवस्था इतनी कमजोर हो गई है? दिल्ली पुलिस को इस पर जवाब देना चाहिए।”