दिल्ली में नकली पनीर का बड़ा नेटवर्क: जानें असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें
नकली पनीर का बढ़ता कारोबार
नई दिल्ली। जैसे ही त्योहारों का मौसम शुरू होता है, दिल्ली और एनसीआर में नकली पनीर का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो जाता है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनकपुरी, ओखला और आजादपुर जैसी प्रमुख मंडियों में छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में मिलावटी और केमिकल युक्त पनीर जब्त किया गया। अनुमान है कि दिल्ली में प्रतिदिन 30 टन से अधिक नकली पनीर की सप्लाई हो रही है, जो मुख्य रूप से स्थानीय ढाबों, सस्ते होटलों और स्ट्रीट वेंडर्स को पहुंचाई जा रही है। हालांकि, इस अवैध व्यापार के बारे में सरकार के पास कोई ठोस आंकड़े नहीं हैं।
खतरनाक केमिकल्स का उपयोग
सूत्रों के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि मुनाफाखोर इस पनीर को बनाने में दूध का एक भी बूंद नहीं डालते। इसके निर्माण में घटिया पाम ऑयल, एनिमल फैट, स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर, यूरिया और डिटर्जेंट जैसे हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह का पनीर खाने से लिवर, किडनी और दिल की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
असली और नकली पनीर की पहचान
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ता बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच के लिए निम्नलिखित पांच आसान तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:
कीमत का ध्यान: असली पनीर की कीमत ₹300 से ₹400 प्रति किलो होती है। यदि आपको ₹100 से ₹150 में पनीर मिल रहा है, तो वह नकली है।
मसलने का परीक्षण: पनीर का एक टुकड़ा हाथ में लेकर मसलें। असली पनीर आसानी से टूटता है, जबकि नकली पनीर रबर की तरह खिंचता है।
आयोडीन परीक्षण: पनीर को उबालकर ठंडा करें और आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालें। यदि रंग नीला या काला हो जाता है, तो उसमें स्टार्च की मिलावट है।
दाल पाउडर परीक्षण: उबले पनीर के पानी में अरहर की दाल का पाउडर मिलाएं। यदि पानी का रंग हल्का लाल या गुलाबी हो जाता है, तो पनीर में डिटर्जेंट या यूरिया है।
स्वाद से पहचान: असली पनीर मलाईदार और हल्का मीठा होता है, जबकि नकली पनीर चबाने में चिंगम जैसा खिंचता है और बेस्वाद होता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत डेयरी या भरोसेमंद दुकानों से पनीर खरीदें और संदेह होने पर तुरंत शिकायत करें।
