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दिल्ली में 'पीपुल अगेंस्ट एसआईआर' का प्रदर्शन, चुनाव आयोग के खिलाफ उठी आवाज़

दिल्ली में 'पीपुल अगेंस्ट एसआईआर' संगठन ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में छात्रों, युवाओं और किसानों ने भाग लिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया। संगठन ने 18 राज्यों में 88 शहरों में और प्रदर्शनों की योजना बनाई है। जानें इस आंदोलन के पीछे की कहानी और इसके समर्थन में खड़े संगठन।
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दिल्ली में प्रदर्शन का आयोजन

दिल्ली में 'पीपुल अगेंस्ट एसआईआर' नामक समूह के सदस्यों ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी आयोग की दिशा में बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने 'एसआईआर बंद करो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए। उनके हाथों में तिरंगे और विभिन्न बैनर थे। यह मार्च गोले डाक खाना के पास कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग चौराहे से शुरू हुआ, जिसमें छात्रों, युवाओं और किसानों ने भाग लिया।


सुरक्षा व्यवस्था और मांगें

इस मार्च के दौरान, दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई। बंगला साहिब गुरुद्वारे और उसके आस-पास के क्षेत्रों की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर को बंद करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने की मांग की। इस मार्च में माकपा नेता वृंदा करात भी शामिल हुईं।


समर्थन करने वाले संगठन

  • क्रांतिकारी युवा संगठन
  • स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
  • ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेंस एसोसिएशन
  • ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन


ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन

जब प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया। इस दौरान, प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और जन संसद का आयोजन किया। वृंदा करात ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, सीपीआई नेता पी. संदोष ने कहा कि उनका विरोध और भी तेज होगा। ज्ञानेश कुमार को कोई नहीं बचा सकता।


प्रदर्शन की व्यापक योजना

'पीपुल अगेंस्ट एसआईआर' ने एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसमें प्रदर्शनों की जानकारी दी गई है। संगठन ने 18 राज्यों के 88 शहरों में प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसमें 145 संगठन भाग लेंगे। समूह ने एक नवंबर तक होने वाले कार्यक्रमों की भी घोषणा की है। शुक्रवार के मार्च में किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न वर्गों से तिरंगा लेकर शामिल होने की अपील की गई।