दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं और पत्रकारों की गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न विपक्षी नेताओं को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुरुग्राम में पुलिस ने सक्रियता दिखाई और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।
हिरासत में लिए गए प्रमुख नेता
हिरासत में लिए गए CJP के नेताओं में अभिजीत दिपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह शामिल हैं। CPI(M) केरलम ने बताया कि उनके कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया है, जिनमें एमए बेबी, पिनराई विजयन, एमवी गोविंदन मास्टर, ए विजयराघवन, केके शैलजा, सांसद जॉन ब्रिटास, केएन बालगोपाल, बृंदा करात और पीके श्रीमती शामिल हैं।
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई में और मनीष सिसोदिया को चंडीगढ़ में हिरासत में लिया गया। कुछ पत्रकारों के भी हिरासत में लिए जाने की सूचना है।
पुलिस हिरासत में पत्रकार
स्क्रॉल के आयुष तिवारी, न्यूजलॉन्ड्री के अश्विन कुमार सिंह और आस्था सव्यसाची, नवभारत टाइम्स के हृतिक जोशी और राहुल चरस को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था
दिल्ली में संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 40,000 से अधिक दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए गए हैं। यह प्रदर्शन मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बुलाया गया है।
मीडियाकर्मियों की पहुंच पर रोक
जंतर-मंतर को मीडियाकर्मियों के लिए भी सील कर दिया गया है। वहां जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और सुरक्षा बल तैनात हैं। प्रमुख एंट्री और एग्जिट गेट पर लाउडस्पीकरों से चेतावनी दी जा रही है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जमावड़े, जुलूस और सड़क जाम जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
