दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं की गिरफ्तारी, सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई
दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। इसको देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने कई नेताओं, जैसे माकपा के एमए बेबी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिया।
पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सीजेपी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया। इसके साथ ही, दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, और अन्य स्थानों पर यातायात जाम की चेतावनी दी। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा हुए।
पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक नेताओं को विमान से उतरते ही हिरासत में लिया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अजिंक्य शिंदे प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। दीपके ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा।
पार्टी ने कहा कि नेताओं की गिरफ्तारी से कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं टूटेगा और यह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक संघर्ष है। बयान में कहा गया कि जब राज्य सत्ता लोकतांत्रिक असंतोष को दबाने के लिए गिरफ्तारियों का सहारा लेती है, तो जनता को खुद आगे आना होगा।
इस बीच, खुफिया सूत्रों के अनुसार, यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा बलों को प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी संख्या में तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर अन्य स्थानों पर भेजा गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करें और प्रदर्शनकारियों को राजधानी में आने से रोकें। इसके तहत कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं।
ममता बनर्जी और उनके समर्थकों को भी हिरासत में लिया गया। भाजपा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय राजधानी को एक किले में बदल रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार से सवाल करने वालों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जनता की आवाज को दबाना सरकार की बड़ी भूल होगी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर अब केवल एक स्थान नहीं, बल्कि जागरण का प्रतीक बन गया है।
