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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान संसद में सांसदों का डर: कंगना रनौत का बयान

दिल्ली में सोमवार को हुए एक बड़े प्रदर्शन के दौरान सांसदों के बीच भय का माहौल था। कंगना रनौत ने इस घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे सांसदों को डर था कि प्रदर्शनकारी संसद पर हमला कर सकते हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस की सराहना की, जिसने सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस घटना के बाद हुई एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के मुद्दों पर चर्चा की। जानें इस घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा कंगना ने।
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दिल्ली में प्रदर्शन का मंजर

सोमवार को दिल्ली में हुए एक बड़े प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी संसद तक पहुँच गए थे, जिसके चलते संसद भवन के दरवाजे तुरंत बंद कर दिए गए। इस घटना को याद करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत ने कहा कि उस समय संसद में उपस्थित लोग भयभीत थे। उन्होंने बताया कि सांसदों को इस बात का डर था कि कहीं प्रदर्शनकारी संसद पर हमला न कर दें। कंगना ने दिल्ली पुलिस की सराहना की, जिन्होंने सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित की।


मंगलवार को हुई सांसदों की बैठक में कंगना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के मुद्दों पर चर्चा की।


सोमवार का हाल


सोमवार के घटनाक्रम का वर्णन करते हुए कंगना ने कहा, 'आप सभी अंदर थे, आपने देखा कि लोग कितने घबरा गए थे। गेट बंद कर दिए गए थे और सभी सांसद अंदर कैद हो गए थे। हम हिल नहीं पा रहे थे। भीड़ ने हमला किया। एक समय ऐसा था जब सभी डर गए थे कि शायद वे हम पर हमला कर देंगे। मैं दिल्ली पुलिस की प्रशंसा करती हूँ कि उन्होंने हमारे बीच में ढाल बनकर खुद को चोटिल किया लेकिन आम जनता को कोई नुकसान नहीं होने दिया।'



एनडीए की बैठक के बारे में कंगना ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी ने हमें मार्गदर्शन दिया। कई मुद्दों पर निर्देश दिए, विशेषकर युवाओं की आकांक्षाओं के बारे में कि हम जनप्रतिनिधि उनके साथ कैसे न्याय करें। प्रधानमंत्री ने NEET, भ्रष्टाचार और कोचिंग से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।'


दरअसल, सोमवार को जंतर-मंतर से सैकड़ों प्रदर्शनकारी संसद के गेट तक पहुँच गए थे। हालांकि, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने बल प्रयोग करके उन्हें वहां से हटा दिया। उस समय संसद के गेट बंद थे और सदन के अंदर सुरक्षा कर्मी भी सतर्क थे। एक वीडियो में देखा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मीडिया से बात कर रहे थे, तभी आंसू गैस के गोले दागने की आवाज सुनाई दी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत सांसदों को अंदर जाने के लिए कहा।