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दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई पहल: 150 इलेक्ट्रिक बसें और 13 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 150 नई इलेक्ट्रिक बसों और 13 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों का शुभारंभ किया है। इस पहल का उद्देश्य राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार करना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक हरित बनाना है। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई अन्य योजनाओं की भी घोषणा की, जिससे दिल्ली की आबोहवा को बेहतर बनाने की उम्मीद है। जानें इस नई पहल के बारे में विस्तार से।
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दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई पहल

दिल्ली: प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंगलवार को, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की उपस्थिति में 5 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया और 13 नए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशंस (CAAQMS) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


इस अवसर पर, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए पिछले एक वर्ष में कई कठोर कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष निरंतर प्रयासों के तहत देश का पहला 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' स्थापित किया गया है, जहां प्रदूषण रोकने के लिए की जा रही सभी गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी की जाती है। दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले स्थलों और स्थानीय स्तर पर कचरा या अन्य सामग्री जलाने की घटनाओं की पहचान करने के लिए 34 एयर-गार्डियन टीमें तैनात की गई हैं, जिनकी मॉनिटरिंग भी इसी सेंटर से होती है।



केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा की उपस्थिति में 13 नए वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन शुरू किए जाने से अब दिल्ली में सक्रिय एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम्स की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। सार्वजनिक परिवहन को अधिक हरित और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को भी बेड़े में शामिल किया गया है। पराली जलाने के मुद्दे पर बात करते हुए मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस गंभीर विषय पर चर्चा के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक निर्धारित की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पराली जलाने की समस्या का दिल्ली के प्रदूषण स्तर पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। सरकार के इन समन्वित और समयबद्ध प्रयासों से राजधानी की आबोहवा को सुधारने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद है।


150 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से राजधानी दिल्ली के इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े की संख्या बढ़कर 5238 हो गई है। इसके साथ ही, राजधानी दिल्ली के कुल बसों का बेड़ा लगभग 6988 बसों तक पहुंच जाएगा, जिनमें 1750 सीएनजी बसें भी शामिल हैं। नई शामिल की गई इलेक्ट्रिक बसें लो-फ्लोर और एयर-कंडीशन्ड हैं, जिन्हें यात्रियों के लिए आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें यात्रियों के लिए CCTV कैमरे, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग के साथ दिव्यांगजनों के लिए खास आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।


दिल्ली के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत करने की पहल के तहत दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी, आनंद विहार में ज्यादा क्षमता वाला पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन बनाया है। आनंद विहार आईएसबीटी एक प्रमुख अंतर-राज्यीय परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना लगभग 1.25 लाख यात्री आते-जाते हैं और यहां से औसतन 2300 बसें संचालित होती हैं। इनमें दिल्ली परिवहन निगम, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, उत्तराखंड परिवहन निगम और 'ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट' श्रेणी के तहत बसें चलती हैं। परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करना और पब्लिक EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा का विस्तार करना राजधानी दिल्ली की साफ और सतत ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं और चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करके दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को अधिक आरामदायक, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।