दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा का विरोध
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की नेता नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण सहित अन्य ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोध का सामना किया। दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए इनका विरोध किया। नारेबाजी में 'बंद करो, दफा हो जाओ' जैसे शब्द शामिल थे।
दीपके का आरोप
विरोध के दौरान अचानक हंगामा मच गया, जिससे सभी पत्रकार पीछे मुड़ गए। नेहा बोरा ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और प्रेस क्लब के प्रबंधन से अनुरोध किया कि हंगामा करने वालों को बाहर निकाला जाए। इस बीच, अभिजीत दीपके ने माइक संभालते हुए कहा कि ये लोग पैसे के लिए ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इनको 50-100 का नोट दे दीजिए। इसलिए वे आए हैं। प्रेस क्लब वालों से कहता हूं कि इन्हें 50-100 का नोट देकर बाहर कर दीजिए।'
आंदोलन का अगला चरण
सीजेपी और अन्य संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे शनिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज लेकर आएं। आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस आह्वान का समर्थन किया है। यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन का अगला चरण माना जा रहा है।
विपक्षी नेताओं की हिरासत पर सवाल
अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले 10 से 15 दिनों से छात्र संगठन और युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया जा रहा है और हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जब विपक्षी नेता जैसे राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन प्रदर्शन में शामिल हुए, तो उन्हें भी हिरासत में लिया गया।
नेहा बोरा के आरोप
नेहा बोरा ने एक महिला पत्रकार से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पत्रकार ने विवेक भगत के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में उसी पत्रकार के खिलाफ जवाबी प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की मांग करने वालों की शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
