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दिल्ली में बाढ़ प्रबंधन के लिए उच्च स्तरीय बैठक, नए दिशा-निर्देश जारी

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाढ़ प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें 'फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026' जारी किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। यमुना के जलस्तर पर त्रि-स्तरीय अलर्ट योजना भी सक्रिय की गई है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
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दिल्ली में बाढ़ प्रबंधन के लिए उच्च स्तरीय बैठक, नए दिशा-निर्देश जारी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक

दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में आगामी मॉनसून और संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया देना नहीं है, बल्कि संभावित संकटों की पहचान कर उन्हें रोकना भी है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मॉनसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जाएगी।


फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026 का अनावरण

बैठक में मुख्यमंत्री ने 'फ्लड कंट्रोल ऑर्डर-2026' जारी किया, जो सभी विभागों के लिए एक दिशानिर्देश के रूप में कार्य करेगा। इसमें जल निकासी प्रणाली, नदी के तटबंध, पंपिंग स्टेशन, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक जलभराव बिंदु के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो जलभराव की स्थिति में सीधे जवाबदेह होगा।


यमुना के जलस्तर पर त्रि-स्तरीय अलर्ट योजना

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 15 जून से केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय किया गया है। उच्च स्तरीय सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया है, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट शामिल होंगे। ये अधिकारी अपने क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होंगे।


सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की तैयारियां

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कई सुधारों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। विभाग ने यमुना के तटबंधों को मजबूत किया है और पंपों की संख्या बढ़ाई है। इसके अलावा, नावों की संख्या भी बढ़ाकर 41 कर दी गई है।


नगर निगम की सफाई कार्यों में तेजी

दिल्ली नगर निगम ने 793 नालों की सफाई का कार्य तेजी से किया है। सभी जोनों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और जलभराव की संभावित जगहों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।


संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव के मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और आवश्यकतानुसार उपाय किए जाएं।


दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से दिल्ली इस वर्ष मॉनसून की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगी।