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दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन: नेताओं की उपस्थिति और अमेरिका के राजदूत की यात्रा

दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में विश्व के कई प्रमुख नेता शामिल हुए, जिनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल थे। इस दौरान, अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दिल्ली छोड़कर मणिपुर की यात्रा की, जो हाल ही में हिंसा से प्रभावित रहा है। उनकी यात्रा और सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। क्या यह अमेरिका का कोई विशेष संदेश है? जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।
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ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन


दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स के 18वें सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें विश्व के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भाग लिया, जो कि एक महत्वपूर्ण घटना थी। पिछले जी 20 शिखर सम्मेलन में ये दोनों नेता शामिल नहीं हुए थे, जबकि उस समय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन भारत आए थे। इस बार ब्रिक्स सम्मेलन में जिनपिंग और पुतिन की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया।


इसके अलावा, ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 पार्टनर देशों के नेता भी इस सम्मेलन में उपस्थित थे।


अमेरिकी राजदूत की यात्रा

इस बीच, अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दिल्ली छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने भारत में कई नेताओं से मिलने के बजाय पूर्वोत्तर की यात्रा करने का निर्णय लिया। उनकी पहली यात्रा मणिपुर की थी, जो कि हाल ही में हिंसा से प्रभावित रहा है और जहां अगले साल चुनाव होने वाले हैं।


इससे पहले, सर्जियो गोर ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया था, जहां उन्होंने कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया था, जिससे पाकिस्तान में नाराजगी पैदा हुई थी। मणिपुर में उनकी यात्रा के दौरान उन्होंने वहां से वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। क्या अमेरिका इस यात्रा के माध्यम से कोई विशेष संदेश देना चाहता है?