Newzfatafatlogo

दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए 'दुर्गा' ई-ऑटो योजना की शुरुआत

दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए 'दुर्गा' ई-ऑटो योजना की शुरुआत की है, जिसमें पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक स्वरोजगार और सुरक्षित परिवहन के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह योजना आर्थिक सशक्तीकरण और समावेशी परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी सुरक्षा और आजीविका में सुधार होगा।
 | 

महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए रोजगार के नए अवसर

पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो का आवंटन, आवेदन समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगा


‘दुर्गा’ ई-ऑटो योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए स्वाभिमान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता


नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'दुर्गा' योजना को मंजूरी दी गई, जिसके तहत पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो दिए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार और आजीविका के अवसर प्रदान करना है, साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परिवहन क्षेत्र में भागीदारी को बढ़ावा देना है।


आर्थिक सशक्तीकरण और सुरक्षित परिवहन पर जोर


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित परिवहन से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। 'दुर्गा' योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इलेक्ट्रिक ऑटो के मालिक और चालक बन सकेंगे, जिससे उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।


मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को सुबह और देर शाम आवागमन के दौरान सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 'दुर्गा' योजना इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देना और महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।


पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो का पंजीकरण


मुख्यमंत्री ने कहा कि 'दुर्गा' योजना के पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो पंजीकृत किए जाएंगे। इनमें से 1,170 इलेक्ट्रिक ऑटो महिलाओं के लिए और 130 ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए होंगे। महिलाओं के लिए प्रत्येक राजस्व जिले में अधिकतम 90 इलेक्ट्रिक ऑटो और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए अधिकतम 10 इलेक्ट्रिक ऑटो की सीमा निर्धारित की गई है। आवेदक योजना के लिए बनाए गए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।


तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाएं इस योजना की पात्र नहीं


दुर्गा योजना में महिलाओं के लिए 20 से 40 वर्ष की आयु, दिल्ली का निवासी होना, वैध मतदाता पहचान पत्र, एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज जैसी शर्तें रखी गई हैं। तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाएं इस योजना की पात्र नहीं होंगी। महिला आवेदक या उसके परिवार के पास कोई पंजीकृत परिवहन वाहन या थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए और वित्त वर्ष 2025-26 में परिवार की आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी वैध ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र, 20 से 40 वर्ष की आयु, दिल्ली का निवासी होना, वैध मतदाता पहचान पत्र, एलएमवी लाइसेंस और पीएसवी बैज अनिवार्य होंगे।


इस योजना से सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे


दुर्गा योजना के तहत ई-ऑटो पर तीन वर्ष की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होगी। इस अवधि में वाहन को बेचा, हस्तांतरित या अन्य तरीके से निस्तारित नहीं किया जा सकेगा। योजना को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है। डीएमआरसी ने बताया है कि 70 मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग में पहले से ही ईवी चार्जिंग सुविधाओं के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा चुका है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।


विशेष पहचान वाले होंगे ‘दुर्गा’ ई-ऑटो


मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत चलने वाले इलेक्ट्रिक ऑटो पर 'दुर्गा' ब्रैंडिंग और पहचान संबंधी विशेषताएं होंगी। इससे इन वाहनों को आसानी से पहचाना जा सकेगा और यात्रियों का इन वाहनों के प्रति भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। 'दुर्गा' योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ दिल्ली के स्वच्छ परिवहन के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगी।


सुरक्षित, हरित और समावेशी दिल्ली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल


मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 'दुर्गा' ई-ऑटो योजना दिल्ली को अधिक सुरक्षित, हरित और समावेशी शहर बनाने की दिशा में एक पहल है। योजना के माध्यम से महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करने के साथ अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।