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दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए DTC बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए DTC की लेडीज स्पेशल बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस पहल को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही, 'ऑल-वूमेन' पुलिस स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। तकनीकी उपायों के माध्यम से आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
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दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए DTC बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता

दिल्ली: राजधानी में निवास करने वाली महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। दिल्ली सरकार ने DTC की लेडीज स्पेशल बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया है।


महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया। दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपराज्यपाल ने महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्णय पर मुहर लगाई। इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए सुरक्षित और भयमुक्त बनाना है।


उपराज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिल्ली की उन DTC बसों में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा जो लेडीज स्पेशल के रूप में चल रही हैं। ये बसें विशेष रूप से उन संवेदनशील रूटों पर चलेंगी जहां महिला यात्रियों की संख्या अधिक है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इन बसों में महिला होमगार्ड मार्शल की भी तैनाती की जाएगी, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के यात्रा कर सकें। उपराज्यपाल का मानना है कि इससे न केवल सुरक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के प्रति महिलाओं का विश्वास भी बढ़ेगा।


दिल्ली सरकार और पुलिस विभाग तकनीक का उपयोग करते हुए बसों में लगे 'पैनिक बटन' को दिल्ली पुलिस के 112 आपातकालीन रिस्पांस सिस्टम (PCR) से सीधे जोड़ने की योजना बना रहे हैं। इस एकीकरण से किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचित किया जा सकेगा, जिससे कार्रवाई में लगने वाला समय कम होगा और सहायता तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेगी।


महिलाओं के प्रति अपराधों को अधिक संवेदनशीलता और तत्परता से निपटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई योजना तैयार की है। उपराज्यपाल ने घोषणा की है कि दिल्ली के हर पुलिस जिले में विशेष रूप से 'ऑल-वूमेन' पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन थानों में महिला और बच्चों से जुड़े मामलों और शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी।


बैठक के दौरान उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दोहराया कि दिल्ली प्रशासन महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है।


उपराज्यपाल ने कहा, हमारा लक्ष्य एक ऐसी दिल्ली का निर्माण करना है जो न केवल सुरक्षित हो, बल्कि हर महिला के लिए अवसरों से भरी और 'विकसित' भी हो। इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस को तुरंत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इन बदलावों के सकारात्मक परिणाम शहर की सड़कों पर दिखाई देंगे।


गौरतलब है कि हाल ही में जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि महानगरों में दिल्ली अपराध के मामले में संवेदनशील स्थिति में बनी हुई है। एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर अन्य सभी 18 महानगरों के औसत से कहीं अधिक है। जहां मुंबई में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की दर प्रति लाख 70-80 के बीच रहती है, वहीं दिल्ली में यह आंकड़ा 180 के पार पहुंच गया है।