दिल्ली में महिलाओं के लिए विशेष पार्कों का निर्माण
महिलाओं के लिए पार्कों की योजना
दिल्ली में महिलाओं के लिए विशेष पार्क बनाने की योजना बनाई जा रही है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) हर वार्ड में महिला पार्क विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए निगम के सभी जोनों में उपयुक्त स्थानों की पहचान की जाएगी और पार्क बनाने की संभावनाओं का सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इस संबंध में एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में चर्चा
मंगलवार को नगर निगम की बैठक में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की अगुवाई में इस विषय पर चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त संजीव मित्तल और उद्यान विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी जोनों में ऐसे स्थानों की पहचान करें, जहां महिलाओं के लिए अलग पार्क विकसित किए जा सकें। इन पार्कों का उद्देश्य महिलाओं को सुबह और शाम की सैर के साथ-साथ मनोरंजन और खाली समय बिताने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। बड़े वार्डों में महिलाओं की आवश्यकताओं और उपलब्ध स्थान को ध्यान में रखते हुए एक से अधिक महिला पार्क विकसित करने की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं.
महिला सुरक्षा पर चिंता
इस पहल के पीछे दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को ध्यान में रखा गया है। सितंबर 2026 में दक्षिण दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच के निर्देश दिए थे। इस जांच में रोशनी, सुरक्षा इंतजाम, साफ-सफाई और पुलिस गश्त जैसे पहलुओं की समीक्षा करने को कहा गया।
पार्कों की सुविधाओं में सुधार
महिला पार्कों की योजना के साथ-साथ एमसीडी मौजूदा पार्कों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों को पार्कों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाने, पेड़ों की छंटाई, हरित कचरे के उचित निपटान और नियमित रखरखाव पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पैदल चलने वाले ट्रैक और अन्य सुविधाओं में सुधार की भी योजना बनाई गई है.
