दिल्ली में मौसम का मिजाज: आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट
दिल्ली में मौसम की स्थिति
नई दिल्ली: गुरुवार की सुबह से दिल्ली के आसमान में काले बादल छाए हुए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में दिन के समय अंधेरा सा छा गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में अगले कुछ घंटों के लिए आंधी-तूफान, बिजली और ओले गिरने के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ-वेस्ट दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ दिल्ली के कुछ हिस्सों में तेज आंधी के साथ बिजली चमकने और ओले गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
बारिश की संभावना वाले क्षेत्र
साउथ-ईस्ट दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, शाहदरा, नॉर्थ-ईस्ट और साउथ दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने के कारण लोगों ने सोशल मीडिया पर बारिश की जानकारी साझा की। प्रीत विहार, द्वारका, लक्ष्मी नगर, निर्माण विहार और यमुना बैंक जैसे क्षेत्रों में दिन के समय बारिश हुई है।
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग ने गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार को भी आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और पंजाब में भी तेज हवाओं, ओलों और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। अगले दो दिनों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिसके बाद फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों से दूर रहें।
अन्य राज्यों में बारिश की संभावना
मध्य, पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। बिहार में शुक्रवार को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण, गोवा और गुजरात-सौराष्ट्र-कच्छ में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।
IMD के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम बिगड़ सकता है और यातायात व बिजली सप्लाई में रुकावट आ सकती है, जबकि रेड अलर्ट बेहद खराब मौसम का संकेत है जिससे जान-माल को खतरा हो सकता है।
