दिल्ली में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की रैली में राहुल गांधी ने उठाई आवाज
रैली में विपक्षी एकता का प्रदर्शन
नई दिल्ली में, विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' ने रामलीला मैदान में एक रैली का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। इस रैली का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द कराना था। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस अवसर पर ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखे हमले किए।
राहुल ने अपने भाषण में कहा कि पहले ज्ञानेश कुमार को हटाया जाएगा और उसके बाद मोदी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'इंडिया' ब्लॉक भारत में लोकतंत्र को समाप्त नहीं होने देगा। राहुल ने जोर देकर कहा कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के बाद मोदी और शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वोट चोरी को एक गंभीर अपराध बताया और इसे 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' अपराध करार दिया।
राहुल ने अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे और यह भी जोड़ा कि उन्हें भागने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने रैली में उपस्थित लोगों से कहा कि उनकी आवाज किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि भारत के किसानों, युवाओं और आम लोगों की आवाज है।
रविवार को, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित लगभग 20 पार्टियों के नेता रामलीला मैदान पहुंचे। ये नेता कनॉट प्लेस और मिंटो रोड के क्रॉस सेक्शन से जुलूस के रूप में खुले वाहन में आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी इस रैली में शामिल हुए।
रैली का समापन भाषण राहुल गांधी ने दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार रात को सो नहीं पाते क्योंकि वे डरते हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देश की आवाज को दबाने की कोशिश की है। राहुल ने कहा कि न तो मोदी और न ही शाह सो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रोटेस्ट किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश का प्रोटेस्ट है।
राहुल ने यह भी कहा कि अडानी को जो देश बेचा गया है, उसका बदला लिया जाएगा। उन्होंने 2024 के चुनावों में विपक्षी गठबंधन के तीन प्रतिशत वोट से हारने का जिक्र किया और कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर के माध्यम से 15 प्रतिशत वोटरों के नाम हटा दिए हैं, जिससे चुनाव को अवैध ठहराया।
