दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की रैली: सभी प्रमुख नेता होंगे शामिल
दिल्ली में होने वाली विपक्षी रैली की तैयारी
दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को विपक्षी दलों के गठबंधन, जिसे ‘इंडिया’ ब्लॉक कहा जाता है, की रैली आयोजित की जाएगी। इस बार सभी प्रमुख नेता इस रैली में भाग लेंगे, और इसका उद्देश्य एकजुटता का संदेश देना है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 31 मार्च 2024 को इसी स्थान पर विपक्ष की ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ हुई थी। उस समय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल में थे, जिसके चलते उनके लिए मंच पर खाली कुर्सियां रखी गई थीं। सुनीता केजरीवाल और कल्पना सोरेन ने उस रैली में भाषण दिया था, जो विपक्ष के लिए लाभदायक साबित हुई थी।
उस रैली के परिणामस्वरूप, भाजपा की सीटें 303 से घटकर 240 हो गईं, जबकि कांग्रेस ने 52 से बढ़कर 99 सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत की। हेमंत सोरेन, केजरीवाल, बाल ठाकरे और शरद पवार जैसे नेताओं की पार्टियों ने भी सीटों में वृद्धि देखी। इस बार भी सभी दल चुनावी लाभ की उम्मीद कर रहे हैं।
विपक्ष की यह रैली ढाई साल बाद हो रही है और इसका मुख्य विषय लोकतंत्र की रक्षा करना है। इस बार भी सभी विपक्षी दलों के नेता शामिल होने की संभावना है। 2024 की रैली में सोनिया गांधी भी उपस्थित थीं, और इस बार भी उनकी उपस्थिति की उम्मीद है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के चारों मुख्यमंत्री भी रैली में शामिल होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर के खिलाफ रैलियों में कई नेता अनुपस्थित रहे थे, लेकिन इस बार हेमंत सोरेन और उद्धव ठाकरे जैसे नेताओं के शामिल होने की संभावना है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव की उपस्थिति तो निश्चित है, साथ ही शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले भी रैली में शामिल हो सकते हैं।
