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दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कपिल सिब्बल को मिला नोटिस

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान एक नोटिस प्राप्त करने का दावा किया है। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्टीकरण दिया है कि नोटिस का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटा दिया जाएगा। आयोग ने बताया कि ये सिस्टम जनरेटेड नोटिस हैं और किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के नहीं हटाया जा सकता। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
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कपिल सिब्बल का नोटिस और राज्य निर्वाचन आयोग का स्पष्टीकरण

नई दिल्ली। राज्यसभा के सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने 20 सितंबर, रविवार को यह आरोप लगाया कि उन्हें दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक नोटिस प्राप्त हुआ है। इससे पहले, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को भी इसी तरह की सूचनाएं मिली थीं।

इन घटनाओं के संदर्भ में, राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का जारी होना यह नहीं दर्शाता कि संबंधित मतदाता का नाम दिल्ली की मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। आयोग के अनुसार, ये नोटिस सिस्टम द्वारा उत्पन्न होते हैं और इनका उद्देश्य ECINET में मतदाताओं के डेटा को सही करना है। आयोग ने यह भी बताया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई का अवसर दिए सूची से नहीं हटाया जा सकता।

ड्राफ्ट सूची की तैयारी का आधार

आयोग ने बताया कि ड्राफ्ट सूची उन जानकारियों के आधार पर बनाई गई है, जो मतदाताओं ने BLO को दिए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में दी थीं। यह ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को जारी की गई थी और इसे सीईओ दिल्ली की वेबसाइट, विधानसभा क्षेत्रों के ERO और AERO के कार्यालयों, तथा मतदान केंद्रों पर देखा जा सकता है।

आयोग के अनुसार, नोटिस उन मतदाताओं को भेजे गए हैं जिनका पिछली इंटेंसिव रिवीजन की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया है या जिनकी लिंकिंग में कोई विसंगति पाई गई है। नोटिस प्राप्त करने के बाद, संबंधित मतदाता अपने उत्तर और आवश्यक दस्तावेज संबंधित ERO या BLO को जमा कर सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि ECI की ओर से यह सूची अंतिम नहीं है।

नोटिस का निपटारा 29 अक्टूबर तक

राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि SIR 2026 के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नोटिस से संबंधित मामलों का निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। ऐसे मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।