दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2000 CRPF जवानों की तैनाती
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और संसद के मानसून सत्र के बीच सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए रातों-रात एक बड़ा निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय के आदेश पर पश्चिम बंगाल से भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तुरंत दिल्ली बुलाया जा रहा है। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे राजधानी में हलचल तेज हो गई है।
CRPF के 2000 जवानों की एयरलिफ्ट
दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के उग्र विरोध प्रदर्शनों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के बाद गृह मंत्रालय ने एक्शन मोड में आकर मंगलवार रात एक आपातकालीन आदेश जारी किया। इसके तहत, पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ (CRPF) की 20 अतिरिक्त टुकड़ियों को हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली लाया जा रहा है। प्रत्येक सीआरपीएफ कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं, जिससे कुल 2000 जवान राजधानी की सड़कों पर तैनात होंगे।
दिल्ली में सुरक्षा की स्थिति
दिल्ली में 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र चल रहा है, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियों पर पहले से ही दबाव है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहले ही CRPF और उसकी विशेष दंगा-रोधी इकाई 'रैपिड एक्शन फोर्स' (RAF) की लगभग 30 कंपनियों को तैनात किया है। अब पश्चिम बंगाल से आ रही नई 20 कंपनियों को मिलाकर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। ये कंपनियां कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए भेजी गई थीं और अब दिल्ली में तैनात की जा रही हैं।
