दिल्ली में स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना
दिल्ली क्राइम समाचार
ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली एक स्लीपर बस में एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। यह घटना तब हुई जब बस में छात्रा के साथ लगभग 47 किलोमीटर तक अत्याचार किया गया। बस की खिड़कियों पर लगे पर्दों का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इसे निर्भया कांड के समान माना जा रहा है, जिसने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बस को जब्त कर लिया है।
छात्रा का रास्ता भटकना
पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्रा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की निवासी है और 11वीं कक्षा की छात्रा है। 3 अगस्त को, वह अपनी मां की डांट से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गई थी। उसका इरादा नोएडा सेक्टर-63 में अपने चचेरे भाई के पास जाने का था। तेज बारिश और अंधेरे के कारण वह रास्ता भटक गई और गलती से परी चौक पर उतर गई। वहां उसने एक स्लीपर बस को रोका और सेक्टर-63 का रास्ता पूछा। बस में चालक और कंडक्टर के अलावा कोई अन्य यात्री नहीं था। कंडक्टर ने उसे बस में बैठा लिया और सेक्टर-63 की ओर जाने का आश्वासन दिया।
पुलिस को घटना की जानकारी
घटना के तुरंत बाद, पीड़िता कश्मीरी गेट पुलिस थाने पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्परता से उसका मेडिकल परीक्षण कराया और बयान दर्ज किए। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। जांच के लिए एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बस की पहचान की और ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है। जिस बस में यह दुष्कर्म हुआ, वह ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक लगभग 47 किलोमीटर का सफर तय करती रही। बस की खिड़कियों पर लगे पर्दों के कारण अंदर की गतिविधियां पूरी तरह छिपी रहीं। पुलिस ने दोनों आरोपियों का पोटेंसी टेस्ट कराया है और फोरेंसिक टीम ने बस के अंदर से जैविक और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इन साक्ष्यों का मिलान पीड़िता के नमूनों से किया जाएगा।
