दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर की हत्या में कपल की गिरफ्तारी
दिल्ली में प्रोफेसर की हत्या का मामला
दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सहायक प्रोफेसर की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने रविवार को कोलकाता से एक दंपति को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस घटना के तीन दिन बाद की गई है, जब प्रोफेसर की लाश पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित एक ऊँची इमारत में पाई गई।
हत्या का कारण संपत्ति विवाद
जॉइंट पुलिस कमिश्नर (ईस्टर्न रेंज) अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि हत्या का कारण एक संपत्ति को लेकर विवाद था। उन्होंने कहा कि यह दंपति हत्या करने के लिए कोलकाता से दिल्ली आया था। दिल्ली पहुँचकर उन्होंने प्रोफेसर की हत्या की और फिर वापस कोलकाता लौट गए।
शरीर पर चोट के निशान
पुलिस के अनुसार, मृतक महिला के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे, उसकी दोनों कलाइयां कटी हुई थीं और उसके चेहरे तथा शरीर पर भी चोट के निशान थे, जिससे यह प्रतीत होता है कि उसकी हत्या से पहले हाथापाई हुई थी। मृतक सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल को 2023 में दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में स्थायी नौकरी मिली थी।
पुश्तैनी संपत्ति का विवाद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दंपति कोलकाता में एक पुश्तैनी संपत्ति में किराएदार के रूप में रह रहा था। उन्होंने कहा, 'आरोपी दंपति उस संपत्ति को खरीदना चाहते थे जिसमें वे कई वर्षों से रह रहे थे। प्रोफेसर के माता-पिता और दो भाई-बहन इसे बेचने के लिए तैयार थे, क्योंकि परिवार के सभी सदस्य दिल्ली में बस चुके थे और कोलकाता लौटने का कोई इरादा नहीं था। प्रोफेसर इस संपत्ति को बेचने के फैसले के खिलाफ थी।'
हत्या की योजना
पुलिस ने आगे कहा, 'दंपति प्रोफेसर को मुख्य बाधा मानते थे। बार-बार कहने के बावजूद प्रोफेसर ने संपत्ति बेचने की अनुमति नहीं दी, जिससे वे नाराज हो गए। इसके बाद दंपति दिल्ली आया और बुधवार को उसकी हत्या कर दी और फिर कोलकाता लौट गए।'
पुलिस ने बताया कि दंपति को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया और आगे की पूछताछ और जांच के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।
