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दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव: ABVP ने सभी पैनल पर उम्मीदवार उतारे, छात्र मुद्दों पर चर्चा

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सभी चार केंद्रीय पैनल पर अपने उम्मीदवारों को खड़ा किया है। इस बार के चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं, खासकर जेन-जी युवा के बीजेपी से नाराजगी के कारण। ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉक्टर वीरेंद्र सोलंकी ने छात्र मुद्दों पर चर्चा की और कहा कि प्रदर्शन में शामिल अराजक तत्वों ने छात्र आंदोलन को प्रभावित किया। इसके अलावा, हॉस्टल की कमी और सुरक्षा मानकों पर भी चर्चा की गई। जानें ABVP की चुनावी रणनीति और उनके विचार।
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ABVP का चुनावी अभियान

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरी है। इस राष्ट्रवादी छात्र संगठन ने सभी चार केंद्रीय पैनल पर अपने उम्मीदवारों को खड़ा किया है। अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष पद के लिए ईशु मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को मैदान में उतारा गया है.


चुनाव की विशेषताएँ

इस बार के डूसू चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जुलाई में दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन के बाद यह माना जा रहा है कि जेन-जी युवा बीजेपी से नाराज हो सकते हैं, जिससे ABVP को चुनौती मिल सकती है। इसके अलावा, सत्य निकेतन में एक जर्जर बिल्डिंग के ढहने से यूनिवर्सिटी कैंपस में हॉस्टल की मांग में तेजी आई है.


ABVP का आत्मविश्वास

हालांकि, विद्यार्थी परिषद का मानना है कि जेन-जी प्रदर्शन में नीट-यूजी छात्रों के अलावा कुछ अराजक तत्व भी शामिल थे, इसलिए उन्हें सभी सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है। ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री डॉक्टर वीरेंद्र सोलंकी ने छात्र संघ चुनाव और छात्रों के मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।


प्रदर्शन और राजनीतिक एजेंडा

डॉक्टर सोलंकी ने कहा कि जन्तर-मन्तर का प्रदर्शन छात्र आंदोलन नहीं था, बल्कि यह राजनीतिक एजेंडे के तहत किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि संस्थागत सुधार की आवश्यकता है।


चुनाव में हिंसा के आरोप

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के दौरान ABVP के समर्थकों पर NSUI के समर्थकों द्वारा हमले के आरोप लगे हैं। डॉक्टर सोलंकी ने कहा कि NSUI और कांग्रेस के लोग चुनाव में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।


हॉस्टल की मांग

सत्य निकेतन की घटना के बाद हॉस्टल की कमी एक बड़ा मुद्दा बन गया है। ABVP लंबे समय से हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की मांग कर रही है। हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री ने 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा की है, जिसे ABVP ने स्वागत योग्य कदम बताया है.


छात्रों की सुरक्षा

ABVP ने मौजूदा पीजी के सुरक्षा मानकों की ऑडिट करवाने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने 'Akhir Kab Tak? No More Satya Niketan' नाम से एक वेबसाइट लॉन्च की है, जहां छात्र अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।


ABVP की भूमिका

ABVP ने रांची में छात्रों के आंदोलन में भी भाग लिया। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन झारखंड सरकार ने इसे नहीं स्वीकार किया।