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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव: कोर्ट की सख्ती और नियमों का उल्लंघन

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव चल रहे हैं, जिसमें छात्रों के मतदान की प्रक्रिया जारी है। इस बीच, उच्च न्यायालय ने चुनावों में हो रहे नियमों के उल्लंघन और हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। न्यायालय ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है और सभी 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। चुनाव परिणामों के बाद जुलूस निकालने पर रोक लगाई गई है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया

दिल्ली विश्वविद्यालय में आज छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं, जिसमें छात्र अपने प्रतिनिधियों के लिए मतदान कर रहे हैं। चुनाव के परिणाम कल घोषित किए जाएंगे, लेकिन इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनावों में हो रही हिंसा और नियमों के उल्लंघन पर सुनवाई चल रही है। न्यायालय ने DUSU चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशों और न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद, कैंपस और उसके आसपास नियमों का उल्लंघन हो रहा है।


हाई कोर्ट की कार्रवाई

इस मामले में उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही, न्यायालय ने DUSU चुनाव 2026-27 के मुख्य चुनाव अधिकारी की स्थिति रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया। इस रिपोर्ट में कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की जानकारी दी गई है। न्यायालय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की मौजूदा कार्रवाई से नियमों के उल्लंघनों को रोकने में असफलता रही है।


140 उम्मीदवारों को नोटिस

न्यायालय ने छात्र संघ के चार पदों के लिए चुनाव लड़ रहे सभी 140 उम्मीदवारों की सूची मांगी है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि इन सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया जाएगा। न्यायालय ने कहा, 'सभी छात्र संगठनों और उम्मीदवारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं ताकि वे यह बता सकें कि उन पर चुनावी नुकसान के लिए जुर्माना क्यों न लगाया जाए।' इसके साथ ही, न्यायालय ने याचिकाकर्ता को नियमों के उल्लंघनों को साबित करने वाले संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज जुटाने का निर्देश दिया है, जिसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।


हिंसा पर सख्त रुख

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सख्त टिप्पणी की, 'यदि कोई हाथ उठा रहा है या हथियार लहरा रहा है, तो क्या उसे छात्र कहा जा सकता है?' न्यायालय ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।


जुलूस पर रोक

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के परिणामों की घोषणा की जाएगी, लेकिन न्यायालय ने परिणामों के बाद जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने निर्देश दिया कि परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवार या छात्र कोई विजय जुलूस नहीं निकालेंगे। यह रोक दिल्ली की सड़कों के साथ-साथ DU कैंपस और हॉस्टलों पर भी लागू होगी। न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि जीत के बाद कोई भी जुलूस न निकाला जाए। यदि कोई आदेश के बावजूद विजय जुलूस निकालता है, तो उस पर प्रशासनिक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।


महंगी गाड़ियों पर सवाल

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में महंगी गाड़ियों के उपयोग पर भी न्यायालय ने टिप्पणी की है। न्यायालय ने पूछा कि छात्रों के पास ये गाड़ियां कहां से आ रही हैं। इसके साथ ही, बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को लेकर न्यायालय ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्होंने कई गाड़ियों को सीज किया है। इस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आप कुछ दिनों में उन्हें छोड़ देंगे। न्यायालय ने गाड़ियों के काफिलों को लेकर चिंता जताई, यह कहते हुए कि इस तरह की गतिविधियां अन्य छात्रों के बीच डर और दबदबे का माहौल बनाती हैं।