दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव: नई चुनौतियाँ और संभावनाएँ
डूसू चुनाव की घोषणा
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। मतदान 18 सितंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 19 सितंबर को की जाएगी। पिछले वर्ष के चुनाव में विवादों की भरमार थी, जिसमें भारी खर्च और बड़े जुलूसों को आचार संहिता का उल्लंघन माना गया था, जिसके चलते अदालत ने परिणामों पर रोक लगा दी थी। इस बार चुनाव में भी वही स्थिति देखने को मिलेगी, लेकिन यह और भी दिलचस्प होगा क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी और जंतर मंतर की घटनाएँ मुख्य मुद्दा बनेंगी।
नेहा बोरा और छात्र संगठनों का तालमेल
जंतर मंतर पर भूख हड़ताल कर रही आईसा की नेता नेहा बोरा सक्रिय हैं और सभी कम्युनिस्ट पार्टियों के बीच एकता स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल गांधी ने नेहा बोरा को बुलाकर उनके साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। एनएसयूआई और कम्युनिस्ट छात्र संगठनों के बीच अंदरखाने समझौते की भी चर्चा हो रही है, हालांकि यह तालमेल बनाना चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों की भी इसमें भूमिका हो सकती है।
इस बार चार में से तीन पदों पर आरएसएस से जुड़ी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का कब्जा है, जबकि एक पद कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के पास है। कांग्रेस और वामपंथी छात्र संगठन इस बार एबीवीपी को हराने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।
