दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: बसों में GPS ट्रैकिंग से बढ़ेगी सुरक्षा
नई दिल्ली में सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय
नई दिल्ली: नोएडा में एक नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना के बाद, दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में आने वाली बाहरी राज्यों की बसों को GPS प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य बसों की स्थिति पर नजर रखना और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या अन्य एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई में सहायता करना है।
बाहरी राज्यों की बसों पर निगरानी
सरकार की योजना के अनुसार, दिल्ली में प्रवेश करने वाली बाहरी राज्यों की बसों को GPS आधारित निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इससे बस की लोकेशन और रूट की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त की जा सकेगी। किसी संदिग्ध स्थिति या आपातकाल में संबंधित एजेंसियां बस की स्थिति का पता लगाकर त्वरित कार्रवाई कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों सहित सभी यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
घटना का विवरण
यह घटना 4 अगस्त की रात की है। मैनपुरी की 16 वर्षीय छात्रा अपनी मां से नाराज होकर घर से बाहर निकली थी और नोएडा सेक्टर-63 में अपने रिश्तेदार के पास जाना चाहती थी। इसी दौरान वह एक बस में सवार हुई।
भारी बारिश के कारण वह ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। वहां एक बस के कंडक्टर ने उसे सेक्टर-63 जाने वाली बस बताकर उसमें बैठने को कहा। पुलिस के अनुसार, बस में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे सूरजपुर की एक वर्कशॉप ले जाया गया।
आरोप है कि इसी दौरान बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया। इसके बाद उसे कश्मीरी गेट के पास छोड़कर दोनों आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान
इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ड्राइवर और कंडक्टर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
GPS निगरानी प्रणाली के माध्यम से सरकार बसों की गतिविधियों पर बेहतर नजर रखने का प्रयास कर रही है। भविष्य में पड़ोसी राज्यों के साथ बातचीत के बाद इस योजना को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
