दिल्ली सरकार ने वर्क फ्रॉम होम नीति समाप्त की, कार्यालय समय में बदलाव
दिल्ली सरकार का नया निर्णय
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए बुधवार और शनिवार को लागू वर्क फ्रॉम होम नीति को समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों में सुधार और सामान्य स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस संबंध में जल्द ही औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि जिन कारणों से यह नीति लागू की गई थी, उनमें अब काफी सुधार हो चुका है।
कार्यालय समय में बदलाव
वर्क फ्रॉम होम नीति समाप्त करने के साथ ही, दिल्ली सरकार ने अपने कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया है। नए निर्देशों के अनुसार, सरकारी दफ्तर अब सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे। हालांकि, दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों के लिए समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, और वे पहले की तरह सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे।
विशेष उपायों का इतिहास
दिल्ली सरकार ने मई में खर्चों में कटौती, ईंधन की बचत और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई विशेष उपाय लागू किए थे। उस समय पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा शुरू की थी। इसका उद्देश्य यातायात का दबाव कम करना और ईंधन की खपत में कमी लाना था।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
पहले के निर्देशों में मंत्रियों और अधिकारियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर मेट्रो का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। इसके अलावा, 'मेट्रो मंडे' जैसी पहलों का भी आरंभ किया गया था। इसके साथ ही, अधिकारियों के विदेशी दौरों पर रोक और नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर प्रतिबंध भी लगाया गया था।
नागरिकों से अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों से हर सप्ताह 'नो व्हीकल डे' मनाने की अपील की थी। इसके अलावा, सरकारी और निजी संस्थानों को ऑनलाइन बैठकों और लेक्चर को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। अब, सामान्य स्थिति में लौटने के बाद, दिल्ली सरकार ने अधिकांश प्रतिबंधों को समाप्त करते हुए सरकारी कामकाज को नियमित रूप से संचालित करने का निर्णय लिया है। हालांकि, ट्रैफिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के कार्य समय में संतुलन बनाए रखने की योजना जारी रहेगी।
