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दिवाली 2023: सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर दी नई दिशा, जानें क्या है फैसला

दिवाली 2023 के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा, लेकिन 24 घंटे पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। ग्रीन पटाखों को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी जा सकती है। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और अगली सुनवाई की तारीख।
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दिवाली का उत्सव और पटाखों की अनुमति


नई दिल्ली: इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी, लेकिन हर साल की तरह इस बार भी सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पटाखों को फोड़ने की अनुमति मिलेगी? दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर हर साल इस पर चर्चा होती है। इसी संदर्भ में, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।


क्या सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की अनुमति दी?

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने स्पष्ट किया कि कोर्ट पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाएगा। बेंच ने कहा, "यदि हम पूरी तरह से बैन कर देंगे तो लोगों की भावनाएं आहत होंगी।" इसके साथ ही, कोर्ट ने यह भी बताया कि 24 घंटे पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट का मानना है कि यदि पूरे दिन आतिशबाजी होती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों, छोटे बच्चों और जानवरों पर पड़ेगा। इसलिए, एक संतुलित समाधान निकालना आवश्यक है। बेंच ने कहा कि हमें ऐसा उपाय खोजना होगा जिससे पटाखे फोड़ने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित किया जा सके।


कौन से पटाखों पर मिल सकती है छूट?

सुनवाई के दौरान, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सरकार की ओर से एक नोट प्रस्तुत किया। इसमें CSIR-NEERI की रिपोर्ट का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेक्स्ट जेनरेशन जॉइंट ग्रीन क्रैकर्स को कुछ शर्तों के साथ सीमित छूट दी जा सकती है। ये पटाखे शोर, धुएं और सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करते हैं।


सरकार के नोट में यह भी कहा गया कि इन ग्रीन पटाखों को तभी अनुमति मिलेगी जब इन्हें लाइसेंस प्राप्त कंपनियों द्वारा निर्मित किया जाएगा, इनमें प्रतिबंधित रसायन नहीं होंगे और ये 125 dB (AI) / 145 dB (C) की शोर सीमा का पालन करेंगे।


अगली सुनवाई की तारीख

सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रस्ताव पर विचार करते हुए कहा कि वह 15 अक्टूबर को पटाखों में बेरियम के उपयोग पर अलग से सुनवाई करेगा। पिछले कुछ वर्षों से दिवाली के समय दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। पिछले साल भी कोर्ट ने केवल ग्रीन पटाखों को दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन कुछ घंटों के लिए फोड़ने की अनुमति दी थी। इस बार भी कोर्ट संतुलित निर्णय लेने के मूड में है, ताकि त्योहार की खुशी बनी रहे और स्वास्थ्य पर खतरा कम हो।