दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखा, बनाई नई पार्टी 'जननीति भारत'
दिव्या मित्तल का राजनीतिक सफर
मीरजापुर। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने आज सोशल मीडिया पर लाइव आकर चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की। उन्होंने अपनी नई पार्टी 'जननीति भारत' की स्थापना की। मित्तल ने कहा कि राजनीति आम जनता के लिए होनी चाहिए, और उनकी पार्टी इसी उद्देश्य के लिए बनाई गई है। उन्होंने पार्टी के तीन मुख्य वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि नई राजनीतिक दिशा में आम लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान उनके अनुभवों के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, विकास कार्यों में जाति, धर्म या पहचान के बजाय वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा भी पार्टी का एक प्रमुख मुद्दा है।
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— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) October 15, 2026
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि जब उन्होंने राजनीति में आने की बात की, तो लोगों ने उन्हें एक नंबर दिया, जिस पर इतनी प्रतिक्रियाएं आईं कि व्हाट्सएप ने उसे रोक दिया। उन्होंने इसके लिए माफी मांगी और लोगों के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। मित्तल ने कहा कि वह उम्मीद का प्रतीक बनकर निकली थीं, लेकिन लोगों के संदेशों ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक दलों की कमी नहीं है, बल्कि समस्या यह है कि लोगों की आवाज़ें नहीं सुनी जातीं। गंगा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां हर बूंद की समानता है, इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी पार्टी का नाम 'जननीति भारत' रखा है।
आपको बता दें कि दिव्या मित्तल ने लगभग 13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में आने का निर्णय लिया। वह मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान, मित्तल ने सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए पहचान बनाई, लेकिन उनके और जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेदों की भी चर्चा रही है।
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की थी। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी इच्छा से 13 वर्षों की सेवा यात्रा को समाप्त किया है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली दिव्या ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से शिक्षा प्राप्त की और लंदन में नौकरी की, लेकिन अपने देश के लिए कुछ करने की चाह ने उन्हें भारत वापस लाया। उन्होंने आईएएस बनने को अपने लिए सौभाग्य बताया और अपने कार्यकाल में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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