दिहाड़ी मजदूर की बेटी पर 21 करोड़ रुपये का आयकर समन, परिवार में हड़कंप
उन्नाव में आयकर विभाग का समन
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक दिहाड़ी मजदूर के परिवार पर तब संकट आ गया जब उसकी स्नातक में पढ़ने वाली बेटी को आयकर विभाग से एक बड़ा समन मिला। यह मामला 20.98 करोड़ रुपये की आय और बड़े व्यावसायिक लेनदेन से संबंधित है, जिससे पूरा परिवार सदमे में है। छात्रा का कहना है कि दिल्ली की एक फर्जी कंपनी ने उसके पैन और अन्य दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया है।
आयकर विभाग का समन
गिरिजाबाग क्षेत्र की निवासी रश्मि सविता ने बताया कि उसे चंडीगढ़ आयकर विभाग द्वारा आयकर अधिनियम की धारा 131 (1ए) के तहत समन जारी किया गया था। इस नोटिस में उससे 5 मई तक 20.98 करोड़ रुपये की कथित आय और करोड़ों के लेनदेन के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया था। रश्मि के पिता, अजय शंकर, एक दिहाड़ी मजदूर हैं और उनके परिवार का इस बड़े कारोबार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कभी कोई कंपनी नहीं बनाई और न ही ऐसा कोई लेनदेन किया है।
फर्जी कंपनी का खुलासा
समन मिलने के बाद जब मामले की जांच की गई, तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। रश्मि को पता चला कि दिल्ली के बुराड़ी में 'आरएस एंटरप्राइजेज' नाम की एक कंपनी उसके पैन कार्ड और अन्य सरकारी पहचान पत्रों का उपयोग कर रही थी। यह फर्जी कंपनी 15 जनवरी 2025 को स्थापित की गई और महज कुछ महीनों में 9 मई 2025 को इसका कामकाज बंद कर दिया गया। छात्रा का कहना है कि उसे इस कंपनी या इससे जुड़े किसी भी व्यवसाय की जानकारी नहीं थी।
न्याय की तलाश में परिवार
इस करोड़ों के फर्जीवाड़े का शिकार होने के बाद रश्मि और उसका परिवार न्याय की तलाश में भटक रहा है। परिवार को संदेह है कि किसी शातिर जालसाज ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यह साजिश रची है। रश्मि ने आयकर विभाग को अपना जवाब सौंपते हुए मामले की सच्चाई बताई है और जन शिकायत पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा, उसने पुलिस को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र देकर मामले की गहन जांच और दस्तावेजों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
