धनतेरस 2026: कुबेर यंत्र की स्थापना और पूजा विधि
धनतेरस 2026 पर कुबेर यंत्र की स्थापना का महत्व और पूजा विधि जानें। इस लेख में जानें कि कैसे कुबेर यंत्र को सही दिशा में स्थापित किया जाए और इसे सक्रिय करने के लिए कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए। कुबेर यंत्र की पूजा से धन की रक्षा और समृद्धि की प्राप्ति के उपायों पर भी चर्चा की गई है।
| Nov 4, 2026, 14:46 IST
धनतेरस 2026: कुबेर यंत्र का महत्व
धनतेरस 2026: हिंदू धर्म में भगवान कुबेर को धन और समृद्धि का देवता माना जाता है। धनतेरस के अवसर पर घर या व्यापार में कुबेर यंत्र की स्थापना करना और उसे सक्रिय करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कुबेर यंत्र एक विशेष ज्यामितीय आकृति वाला यंत्र है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसे घर या दुकान की तिजोरी में रखने और नियमित पूजा करने से धन की रक्षा होती है। यह माना जाता है कि कुबेर यंत्र की पूजा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा मिलती है।
कुबेर यंत्र को हमेशा घर, दुकान या ऑफिस की उत्तर दिशा में स्थापित करना चाहिए। इसे आप अपने पूजा घर, तिजोरी या कैश बॉक्स के पास भी रख सकते हैं। यंत्र को इस प्रकार रखें कि उसका मुख दक्षिण दिशा की ओर हो। जब आप यंत्र की पूजा करें, तो आपका मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इसके साथ हरे रंग के वस्त्र रखने और कुछ धन अर्पित करने की परंपरा भी है। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
पंचोपचार पूजा: यंत्र पर कुमकुम, चंदन और अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं। इसके बाद धूप और घी का दीपक जलाएं।
भोग: भगवान कुबेर को फल, मिठाई या पंचामृत का भोग अर्पित करें।
मंत्र जाप (एक्टिवेट करने का मुख्य चरण): यंत्र को ऊर्जावान बनाने के लिए कमलगट्टे या तुलसी की माला से नीचे दिए गए मंत्रों में से किसी एक का 11, 21 या 108 बार जाप करें:
सरल मंत्र: “ॐ श्री कुबेराय नमः”
सिद्ध कुबेर मंत्र: “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा”
