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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह इस्तीफा नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन के चलते आया है, जिसमें हजारों छात्रों ने भाग लिया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बीच हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।


प्रह्लाद जोशी की नई जिम्मेदारियां

प्रह्लाद जोशी अब खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह जैसे कई प्रमुख नेता उनके घर जाकर उनसे मिले और बातचीत की।


छात्रों का आंदोलन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का कारण नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का चल रहा आंदोलन था। यह आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर काफी बड़ा रूप ले चुका था, जिसमें हजारों छात्र शामिल हुए थे। 20 जुलाई को छात्रों ने दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया, जिसमें कुछ संसद परिसर के निकट तक पहुंच गए थे। छात्रों की मुख्य मांग थी कि प्रधान को उनके पद से हटाया जाए। शनिवार दोपहर अचानक उन्होंने इस्तीफे की घोषणा कर दी।