धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मेट्रो बंदी से यात्रियों को हुई परेशानी
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और मेट्रो सेवा का ठप होना
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 39 दिनों तक चलाए गए आंदोलन के परिणामस्वरूप, बीजेपी सांसद ने शनिवार (25 जुलाई) को दोपहर 2:18 बजे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इस आंदोलन के चलते सरकार ने कई सुरक्षा उपाय किए, जिनमें से एक था दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशनों को बंद करना। जैसे ही प्रधान का इस्तीफा हुआ, मेट्रो ने शनिवार शाम 6:22 बजे सभी गेट खोल दिए।
यात्रियों को हुई कठिनाइयाँ
हालांकि, इस निर्णय ने आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन कई दिनों से बंद था, जिससे मेट्रो से आने वाले हजारों यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। दिल्ली-एनसीआर से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आने वाले यात्री अक्सर मेट्रो का उपयोग करते हैं, जो कि सस्ती और समय बचाने वाली यात्रा का साधन है।
यात्रियों की समस्याओं का जायजा
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मेट्रो बंद होने के कारण यात्रियों की समस्याओं को जानने के लिए एक मीडिया चैनल ने शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले स्थिति का जायजा लिया। रिपोर्ट में सामने आया कि मेट्रो के बंद होने से यात्रियों को समय और पैसे की भारी हानि हुई। मेट्रो सेवा न होने के कारण लोग कैब और ऑटो का सहारा लेते हुए पाए गए।
महंगे किराए की समस्या
पियूष नामक एक यात्री, जो अपने पिता के साथ बिहार के दरभंगा से आए थे, ने बताया कि उन्हें दिल्ली के भरत नगर (NFC) जाना था। उन्होंने उबर से कैब बुक की, जो सामान्य दिनों में 250-300 रुपये में होती थी, लेकिन इस बार 600 रुपये में आई। यात्री ने कहा कि मेट्रो बंद होने के कारण उन्हें अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
चांदनी चौक स्टेशन का सहारा
प्रशांत नामक एक यात्री चंडीगढ़ से दिल्ली आए थे और उन्होंने बताया कि उन्हें गुरुग्राम जाना था। मेट्रो बंद होने के कारण उन्होंने उबर बाइक ली, जिससे वह चांदनी चौक जाएंगे और वहां से मेट्रो पकड़कर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि मेट्रो बंद होने से उन्हें काफी दिक्कत हो रही है।
कैब बुकिंग में दिक्कतें
गोपालगंज से चेतन और नित्या स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर बैठकर अपनी कैब बुक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बार-बार उनकी राइड कैंसिल हो रही थी। उन्होंने बताया कि मेट्रो बंद होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है, क्योंकि मेट्रो से उनकी यात्रा सस्ती और सुविधाजनक होती थी।
डबल खर्च की समस्या
पिंटू अपनी पत्नी और बेटे को लेने के लिए उत्तम नगर से स्टेशन आए थे। उन्होंने बताया कि मेट्रो बंद होने के कारण उन्हें डबल खर्च करना पड़ रहा है। वह करोल बाग से ऑटो लेकर आए और फिर वहां से मेट्रो पकड़ने की योजना बना रहे थे।
ओला, उबर और रैपिडो की मनमानी
नई दिल्ली मेट्रो बंद होने के कारण ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाएं मनमानी करती दिखीं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें मनमाफिक किराया और लोकेशन नहीं मिलने के कारण कई राइड कैंसिल करनी पड़ीं।
