धर्मेंद्र प्रधान ने CJP और राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- लोकतंत्र का अपमान
धर्मेंद्र प्रधान की पहली प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हाल ही में प्रदर्शनकारियों द्वारा 'Regime Change' के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि असली मंशा अब सबके सामने आ गई है। प्रधान ने कहा कि देशहित और छात्रों के अधिकारों के नाम पर जो विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उनका असली उद्देश्य अब किसी से छिपा नहीं है।
CJP के खिलाफ धर्मेंद्र प्रधान का बयान
धर्मेंद्र प्रधान को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। अब जब CJP चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है, तो प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से CJP और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया।
अराजकता फैलाने का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'सत्ता परिवर्तन की बात करना और बांग्लादेश से प्रेरणा लेने का सुझाव देना यह दर्शाता है कि यह छात्रों के नाम पर केवल देश में अराजकता फैलाने और राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश है। विदेशी ताकतों के सहारे सत्ता का सपना देखने वाले देश विरोधी लोग समझ लें कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है। इसलिए, भारतीय जनता इस अलोकतांत्रिक सोच को कभी स्वीकार नहीं करेगी।'
राहुल गांधी पर सीधा हमला
प्रधान ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हार का सामना कर चुके नेता प्रतिपक्ष बार-बार जनता के जनादेश का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'चुनावी प्रक्रिया से मनचाहा परिणाम न मिलने पर कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिसका उद्देश्य हमेशा से जनता को परेशान करना रहा है। यह उसी कांग्रेसी मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें देशवासियों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया था।'
जनादेश का अपमान
राहुल गांधी पर लोकतंत्र की मर्यादाओं को तोड़ने का आरोप लगाते हुए प्रधान ने कहा, 'संविधान को अपने हाथ में लेकर घूमने वाले राहुल गांधी को जनता ने बार-बार नकारा है। फिर भी, सत्ता की लालसा में जनादेश का अपमान और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार कर रहा है। राहुल गांधी जी, आपका यह नफरती रवैया लोकतंत्र के प्रति बेहद शर्मनाक है।'
