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धर्मेंद्र प्रधान ने 'जेन जी' आंदोलन पर इस्तीफे की चर्चा की

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 'जेन जी' आंदोलन के संदर्भ में अपने इस्तीफे पर विचार साझा किया है। उन्होंने नई पीढ़ी के युवाओं को गुमराह करने के प्रयासों की चिंता जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान युवाओं की मांगों को स्वीकार करने की अपील की। प्रधान ने अपने इस्तीफे का कारण भी स्पष्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि यह कदम देशविरोधी ताकतों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया था।
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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नई पीढ़ी की चिंताएं

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 'जेन जी' आंदोलन के संदर्भ में अपने इस्तीफे पर पहली बार विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के युवाओं को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका मानना है कि कुछ तत्व 'Gen Z' और युवा वर्ग को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.


प्रधानमंत्री से मुलाकात का जिक्र

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने जंतर मंतर पर आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि युवाओं की मांगों को स्वीकार किया जाए, ताकि उनकी शिकायतों का राजनीतिक लाभ न उठाया जा सके.


पीएम की सहमति और इस्तीफे का कारण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सहमति जताई। प्रधान ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस आंदोलन का गलत लाभ उठाते हैं। उन्होंने स्वयं शीर्ष नेतृत्व के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की थी.


धर्मेंद्र प्रधान का बयान

धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री:-
"मैं 'जेन जी' के गुस्से का शिकार बना। मुझे लगा कि कुछ लोग नई पीढ़ी के बच्चों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।"


भारत के Gen Z पर विचार

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "भारत में हर साल लगभग 2 करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। 15 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं की संख्या अगले 10 वर्षों में 20 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जिनके कंधों पर देश को वैश्विक शक्ति बनाने की जिम्मेदारी होगी."


इस्तीफे का कारण

धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना सम्मान दांव पर नहीं लगाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 25 जुलाई को NEET पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बीच उन्होंने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। अपने इस्तीफे के नोट में उन्होंने लिखा था कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि देशविरोधी ताकतें आंदोलन का गलत इस्तेमाल न कर सकें और छात्रों का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे.


बीजेडी नेता की प्रतिक्रिया

ओडिशा की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (BJD) के नेता रोहित पुजारी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टिप्पणी की, "धर्मेंद्र प्रधान को किसी ने बदनाम नहीं किया है, बल्कि उनकी अपनी पार्टी और सरकार ने पुलिस की लाठीचार्ज, आंसू गैस और अत्याचार से बदनाम किया। इस विवाद में 20 से ज्यादा छात्रों ने आत्महत्या कर ली।"