Newzfatafatlogo

नई दिल्ली में 'मोदी चालीसा' का आयोजन: प्रधानमंत्री की पूजा का अनोखा तरीका

नई दिल्ली के प्रेस क्लब में 'मोदी चालीसा' का आयोजन हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूजा का अनोखा तरीका देखने को मिला। इस आयोजन में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने भी भाग लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग मोदी चालीसा का पाठ करते हुए नजर आ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब मोदी पर चालीसा लिखी गई है, इससे पहले भी कई बार ऐसा किया जा चुका है। जानें इस आयोजन के पीछे की कहानी और मोदी चालीसा के इतिहास के बारे में।
 | 

दिल्ली प्रेस क्लब में 'मोदी चालीसा' का आयोजन

बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंदिर की घोषणा के बाद, नई दिल्ली के प्रेस क्लब में 'मोदी चालीसा' का आयोजन किया गया। यह जानकारी कई सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा की गई। वायरल हो रहे वीडियो में कुछ लोग मोदी चालीसा का पाठ करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का एक कटआउट भगवान राम के रूप में प्रदर्शित किया गया है.


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

पत्रकार श्याम मीरा सिंह और पीयूष राय ने अपने एक्स अकाउंट पर इस आयोजन का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, 'दिल्ली प्रेस क्लब में आज मोदी चालीसा का आयोजन हुआ।' इसके अलावा, अन्य पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी इस वीडियो को साझा किया। मंच पर एक पोस्टर पर 'भगवान श्री नरेंद्र मोदी चालीसा' लिखा हुआ था.


ट्रांसजेंडर समुदाय का योगदान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ. राजन सिंह और महामंडलेश्वर वैभवी महाराज सहित ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने 20 अगस्त को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 'श्री नरेंद्र मोदी चालीसा' का पाठ किया.


पहली बार नहीं, पहले भी लिखी गई चालीसा

'मोदी चालीसा' का यह पहला उदाहरण नहीं है। 2008 में, मोबाइल की दुकान चलाने वाले कवि रमेश मिश्रा ने भी 'मोदी चालीसा' लिखी थी। लालू प्रसाद यादव के बाद, मोदी दूसरे नेता बने जिन पर चालीसा लिखी गई थी. इसके बाद सोनिया गांधी और यूपी की पूर्व सीएम मायावती का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हुआ.


रमेश मिश्रा का योगदान

द इकॉनामिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, रमेश मिश्रा ने नरेंद्र मोदी पर चालीसा के अलावा मोदी आरती और एक सनेदो भी लिखा था, जिसमें मोदी की तुलना भगवान राम से की गई थी, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे.


बीजेपी कार्यकर्ताओं का योगदान

2014 में प्रकाशित दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में बताया गया कि आगरा में प्रमील किशोर अग्रवाल ने 'नरेंद्र मोदी चालीसा' और आरती लिखी थी। 18 सितंबर 2015 को बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया कि वाराणसी में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'मोदी चालीसा' बांटी, जिसमें मोदी की तुलना भगवान हनुमान से की गई.


सोशल मीडिया पर चालीसा का वायरल होना

2016 में, पीएम मोदी पर लिखी गई एक चालीसा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसे मीडिया ने भी व्यापक कवरेज दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस 'मोदी चालीसा' का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि कैसे मोदी के प्रशंसकों ने उनके 66वें जन्मदिन को मनाने के लिए इसे एक-दूसरे को साझा किया.


म्यूजिक प्लेटफार्मों पर उपलब्धता

'मोदी चालीसा' एप्पल म्यूजिक, जियो सावन और गाना जैसे म्यूजिक एप पर भी उपलब्ध है। इन चालीसों को डॉ. सुदेश कुमार तलहेटा ने प्रकाशित किया है, जबकि अमेजन म्यूजिक पर संजय फैजाबादी की एक 'मोदी चालीसा' भी मौजूद है. स्पॉटिफाई और यूट्यूब पर भी इसे सुना जा सकता है.