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नट-मदारी समुदाय के लिए जाति प्रमाण पत्र शिविर की मांग

नट-मदारी समुदाय ने पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना से मुलाकात कर जाति प्रमाण पत्र के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की मांग की है। यह समुदाय पारंपरिक चिकित्सा के माध्यम से अपनी आजीविका कमाता है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र की कमी के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहा है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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जाति प्रमाण पत्र के लिए विशेष शिविर की आवश्यकता

होशियारपुर: प्रमुख जन कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट, पालनपुर, गुजरात ने पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़शंकर तहसील के चकरोहता गांव में निवास कर रहे नट-मदारी समुदाय के परिवारों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की मांग की।


ट्रस्ट के सदस्यों ने खन्ना को बताया कि नट-मदारी समुदाय विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों (एन.टी-डी.एन.टी) से संबंधित है, जिनके सदस्य विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश में रहते हैं।


यह समुदाय पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, जड़ी-बूटियों और देशी औषधियों के माध्यम से अपनी आजीविका कमाता है। कई परिवार वर्षों से पंजाब में रह रहे हैं, लेकिन जाति प्रमाण पत्र की कमी के कारण वे अपनी सामाजिक पहचान स्थापित करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने में असमर्थ हैं। इसलिए, इन परिवारों के लिए जाति प्रमाण पत्र का जारी होना अत्यंत आवश्यक है।


प्रमुख जन कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट ने खन्ना को एक मांगपत्र सौंपा, जिसमें आग्रह किया गया कि संबंधित सरकारों के साथ समन्वय करके विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि नट-मदारी समुदाय के योग्य परिवारों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जा सके।