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नशामुक्ति और राष्ट्रभावना पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

गाँधीनगर के डी.ए.वी. वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नशामुक्ति और राष्ट्रभावना पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया और महान क्रांतिकारियों के योगदान पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने राष्ट्रसेवा के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन आचार्य आशुतोष ने किया और विद्यालय प्रमुख ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन

नई दिल्ली: गाँधीनगर के डी.ए.वी. वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उनमें राष्ट्रप्रेम तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए एक नशामुक्ति एवं राष्ट्रभावना जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में पूर्वी विभाग में नशामुक्ति के कार्यभार को संभाल रहे रमन, उत्तर क्षेत्र के सह-संपर्क प्रमुख एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सरदार जसवीर सिंह, विद्यालय प्रमुख लखीराम, आचार्य दिनेश चंद शर्मा, सतीश शर्मा और आशुतोष शामिल हुए।


नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा

सरदार जसवीर सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया और नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रचनात्मक कार्यों, समाजसेवा और राष्ट्रनिर्माण में लगाकर देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।


महान क्रांतिकारियों की चर्चा


कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ, खुदीराम बोस, बटुकेश्वर दत्त और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों और संघर्षों का उल्लेख करते हुए भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।


राष्ट्रसेवा के विभिन्न आयाम

वक्ताओं ने राष्ट्रसेवा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देशसेवा केवल सीमा पर जाकर नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन, शिक्षा, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, नशे से दूरी और अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करने से भी की जा सकती है।


कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का संचालन आचार्य आशुतोष ने किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में, विद्यालय प्रमुख लखीराम ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।