Newzfatafatlogo

नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी पर उठाए गंभीर सवाल, छात्रों के मुद्दे पर की आलोचना

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी असहमत लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना की। छात्रों का धरना और उनकी मांगें इस विवाद को और बढ़ा रही हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और नसीरुद्दीन शाह के विचार।
 | 

नसीरुद्दीन शाह का वीडियो संदेश

नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद, पार्टी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो उसकी विचारधारा और नीतियों से असहमत हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों के मुद्दे को भी उठाया। वीडियो में, शाह ने कहा कि छात्रों ने प्रशासन से जवाब मांगा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। इसके अलावा, छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए भी कहा गया है।



अभिनेता ने यह भी कहा कि बीजेपी अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने का प्रयास कर रही है।


छात्रों का धरना और प्रशासन की कार्रवाई

क्या है पूरा मामला?

कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्र पिछले 25 दिनों से धरना दे रहे हैं। वे कैंपस में हुई कथित हिंसा, सुरक्षा में कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार भी किया है।


यह विरोध 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा भी चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें आवश्यक सुविधाएं न देना अनुचित है।


संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने का आदेश दिया था। साथ ही, छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया गया था। छात्रों ने इस आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मारपीट करने समेत अनुशासन तोड़ने के आरोप हैं।