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नागालैंड में भूस्खलन से मची अफरा-तफरी, राहत कार्य जारी

नागालैंड के मोन जिले में रविवार सुबह एक भूस्खलन ने कई घरों को मलबे में दबा दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चार महिलाओं सहित कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया है, जिसमें असम राइफल्स, एनडीआरएफ और नागालैंड पुलिस की टीमें शामिल हैं। बचावकर्मी मलबा हटाने में जुटे हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन


रविवार सुबह नागालैंड के मोन जिले में अचानक आए भूस्खलन ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे 10 से 15 घर मलबे में दब गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, चार महिलाओं सहित कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। घटना के तुरंत बाद, प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। असम राइफल्स, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और नागालैंड पुलिस की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचावकर्मी मलबा हटाने में जुट गए हैं।


भूस्खलन के कारण कई घर मलबे में दब गए

अधिकारियों के अनुसार, मोन टाउन में अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया। भारी चट्टान और मिट्टी के गिरने से 10 से 15 घर इसकी चपेट में आ गए। यह घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।


फंसे लोगों की तलाश जारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चार महिलाओं सहित कई स्थानीय नागरिकों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, अभी तक फंसे लोगों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। बचाव दल हर संभावित स्थान पर सावधानी से मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहा है।


संयुक्त राहत टीम का अभियान

घटना के तुरंत बाद, असम राइफल्स, एनडीआरएफ और नागालैंड पुलिस की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। बचाव अभियान के दौरान भारी मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। टीमों का मुख्य लक्ष्य मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।


खोज अभियान की सतर्कता

आपदा प्रभावित क्षेत्र में बचावकर्मी पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। मलबे के नीचे किसी के जीवित होने की संभावना को देखते हुए खोज अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन ने राहत कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को मौके पर तैनात रखा है।


प्रशासन की निगरानी

भूस्खलन के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, राहत और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी संभावित स्थानों की पूरी तरह तलाशी नहीं ले ली जाती। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।