नागौर में ATM लूटने की कोशिश, बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा
ATM लूटने की योजना नाकाम
वायरल वीडियो: राजस्थान के नागौर जिले के मारवाड़ मूंडवा में रात के समय दो बदमाश ATM लूटने पहुंचे, लेकिन वे खुद ही फंस गए। दोनों लाखों रुपये निकालने की योजना बना रहे थे, लेकिन बैंक के ई-सर्विलांस सिस्टम ने उन्हें पकड़ लिया। सूचना मिलने पर UCO बैंक की शाखा प्रबंधक सारिका चौधरी अपने पति के साथ मौके पर पहुंचीं और ATM का शटर गिरा दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
यह घटना रविवार रात को नागौर रोड पर स्थित UCO बैंक के ATM की है, जहां 16 लाख 900 रुपये से अधिक की नकदी मौजूद थी। बैंक में प्रस्तावित हड़ताल के कारण ATM में पर्याप्त नकदी रखी गई थी।
बदमाशों की तैयारी और गिरफ्तारी
गैस कटर के साथ पहुंचे थे, लेकिन सफल नहीं हो सके
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पूरी तैयारी के साथ ATM बूथ में दाखिल हुए थे। उनके पास गैस कटर और अन्य औजार थे। वे ATM से पैसे निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बैंक के सुरक्षा सिस्टम ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ लिया। ई-सर्विलांस से मिली सूचना के बाद बैंक की सुरक्षा टीम ने प्रबंधक को सूचित किया। सारिका चौधरी ने अपने पति के साथ ATM पहुंचकर शटर बंद कर दिया और पुलिस को बुलाया।
ATM उखाड़ने पहुंचे बदमाशों को ATM ने ही भेजवाया जेल, हेड ऑफिस में भेजा अलर्ट और 5 मिनट में पकड़े गए चोर।
नागौर, राजस्थान। राजस्थान के नागौर जिले में ATM उखाड़ने की कोशिश कर रहे बदमाशों को पुलिस ने महज कुछ ही मिनटों में पकड़ लिया। बदमाश ATM को उखाड़कर ले जाने की कोशिश में थे, तभी…
— NCIB Headquarters (@NCIBHQ) September 29, 2026
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस को मिली सूचना
पुलिस को घटना की सूचना रात करीब 2:13 बजे मिली। मौके पर पहुंची मारवाड़ मूंडवा थाना पुलिस ने बूथ के अंदर मौजूद दोनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ATM तोड़ने के लिए लाए गए उपकरण भी बरामद किए हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और क्या इसमें कोई और व्यक्ति शामिल था।
आरोपियों की पहचान
थाना प्रभारी पूरबाराम के अनुसार, गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान मूंडवा निवासी भरत प्रजापत और बिहार निवासी कोमल कुमार राजपूत के रूप में हुई है। भरत मूंडवा में ढाबा चलाता है, जबकि कोमल उसके यहां काम करता है।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों किसी दूसरे व्यक्ति की मोटरसाइकिल से ATM तक पहुंचे थे। पुलिस ने बाइक मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे आरोपियों की योजना की जानकारी थी या नहीं।
कैश की सुरक्षा
16 लाख से अधिक कैश सुरक्षित
अगर ई-सर्विलांस से समय पर अलर्ट नहीं मिलता और ब्रांच मैनेजर मौके पर नहीं पहुंचतीं, तो ATM में रखा 16 लाख रुपये से अधिक का कैश खतरे में पड़ सकता था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
