नाहन में दो समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष, 14 लोग घायल
नाहन में हिंसा की घटना
हिमाचल प्रदेश समाचार: नाहन में एक हिंसक घटना की सूचना मिली है। यह घटना दिल्ली गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर वाल्मीकि चौक के पास स्वागत द्वार लगाने को लेकर विवाद के चलते हुई। इस झड़प में 14 लोग घायल हुए, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि वे घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटनाक्रम का विवरण
गोबिंदगढ़ क्षेत्र के कुछ निवासियों ने स्वागत द्वार लगाने का प्रयास किया, जिसका विरोध वाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने किया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक, निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। इसके बाद, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलों से हमला किया।
पुलिस पर हमला
पुलिस अधीक्षक ने कहा, "बीच-बचाव के प्रयास के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया, जिससे कुछ पुलिस अधिकारी घायल हो गए।" उन्होंने बताया कि हिंसक भीड़ ने मौके पर मौजूद कई सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया। नेगी ने कहा कि जब नाहन के तहसीलदार समझौता कराने के लिए पहुंचे, तो भीड़ ने उनके सरकारी वाहन पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया।
यातायात बाधित
इस घटना में नाहन सदर थाने के प्रभारी कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों सहित 14 लोग घायल हुए। घायलों को नाहन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी ने बताया कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया है।
