नीति आयोग की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल, सत्ता परिवर्तन का असर
नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक
केंद्र में पहली बार सरकार बनाने के बाद नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग का नाम बदलकर नीति आयोग रखा था। अब पहली बार ऐसा हुआ है कि नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। इससे पहले, अक्सर दो या तीन मुख्यमंत्री ही इस बैठक में शामिल होते थे। विशेष रूप से, बिहार के नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी और ओडिशा के नवीन पटनायक जैसे मुख्यमंत्री अक्सर इन बैठकों से अनुपस्थित रहते थे। अब इन तीनों राज्यों में सत्ता परिवर्तन हो चुका है।
ओडिशा में नवीन पटनायक 25 वर्षों के बाद मुख्यमंत्री पद से हट गए हैं, और उनकी जगह भाजपा के मोहन चरण मांझी ने ली है। इसी तरह, बिहार में नीतीश कुमार की जगह सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के स्थान पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने पद ग्रहण किया है। तमिलनाडु में भी बदलाव आया है, जहां एमके स्टालिन की जगह विजय मुख्यमंत्री बने हैं। इस बार सभी मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए हैं। भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों के मुख्यमंत्री धीरे-धीरे सभी राज्यों में बनते जा रहे हैं, जिससे दिल्ली की बैठक में सभी का उपस्थित होना अनिवार्य हो गया है।
