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नीदरलैंड में 40 साल बाद मिलीं दो सगी बहनें, डीएनए टेस्ट ने खोला राज

नीदरलैंड में दो सगी बहनों का 40 साल बाद मिलन हुआ, जो बचपन में भारत के अनाथालय में बिछड़ गई थीं। डीएनए टेस्ट ने साबित किया कि वे असल में बहनें हैं। इस भावुक मिलन ने उनकी जिंदगी में खुशियों की बहार ला दी है। जानें कैसे उनकी पहली मुलाकात हुई और फिर संपर्क टूट गया, और कैसे उन्होंने अपनी जड़ों की खोज की।
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भावुक मिलन की कहानी

नीदरलैंड: किस्मत के खेल कितने अजीब हो सकते हैं, इसका एक दिल को छू लेने वाला उदाहरण नीदरलैंड से सामने आया है। भारत के अनाथालयों में छोड़ी गईं दो बच्चियों, जो बाद में गोद लिए जाने के बाद नीदरलैंड पहुंच गईं, 40 साल बाद एक-दूसरे से मिली हैं। एक डीएनए (DNA) परीक्षण ने यह साबित कर दिया है कि ये दोनों बचपन की दोस्त असल में सगी बहनें हैं। इस अद्भुत और सुखद मिलन ने दोनों बहनों की जिंदगी में खुशियों की बहार ला दी है।


पहली मुलाकात और संपर्क का टूटना

टीनएज में हुई थी पहली मुलाकात, फिर टूट गया था संपर्क

मीना गेल्टिंक (43) और मीनल टिजसेन (44) दोनों का जन्म भारत में हुआ था और उन्हें बचपन में अलग-अलग डच परिवारों ने गोद लिया था। नीदरलैंड में दोनों एक-दूसरे से महज 130 किलोमीटर की दूरी पर पली-बढ़ीं। बड़े होते समय किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनकी कोई सगी बहन भी है। साल 1996 में जब वे टीनएजर थीं, तब गोद लिए गए बच्चों के एक कार्यक्रम में उनकी पहली बार मुलाकात हुई थी। उस समय दोनों ने एक-दूसरे के प्रति गहरा जुड़ाव महसूस किया। उनके दोस्तों ने भी दोनों की शक्लों में समानता की बात कही थी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को चिट्ठियां लिखीं, जिसमें वे मजाक में एक-दूसरे को 'बहन' (सिस) कहकर बुलाती थीं। हालांकि, इसके बाद करीब 15 सालों तक उनका संपर्क टूट गया।


डीएनए टेस्ट से खुला राज

DNA टेस्ट से खुला राज, 100 प्रतिशत मिला मैच

अपनी जड़ों की खोज में दोनों ने 'माय हेरिटेज' (MyHeritage) के माध्यम से डीएनए टेस्ट करवाया। इस साल अप्रैल में जब रिपोर्ट आई, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। रिपोर्ट में दोनों का डीएनए 100 प्रतिशत मैच हुआ। मीनल टिजसेन, जो वर्तमान में फ्रांस में अपने परिवार के साथ रह रही हैं, ने बताया कि वह काउच पर बैठी थीं, तभी फोन पर रिपोर्ट का नोटिफिकेशन आया जिसमें 'मीना: सिस्टर' लिखा था। पहले तो मीनल को यकीन नहीं हुआ, लेकिन सोशल मीडिया पर खोजबीन करने और तस्वीरें देखने के बाद उन्हें सच्चाई का एहसास हुआ।


भावुक मिलन का अनुभव

‘ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने घर लौट आई हूं’

सच्चाई सामने आने के बाद मंगलवार को नीदरलैंड में दोनों बहनों का भावुक मिलन हुआ। आंसू, हंसी और गले लगने के बीच दोनों ने बहन के रूप में अपनी पहली सेल्फी ली। तीन बच्चों की मां मीना ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इतने सालों तक उनके दिल में जो एक खालीपन था, वह अब भर गया है। उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे जिंदगी की कोई खोई हुई पहेली सुलझ गई हो। अपनी बहन मीनल को देखकर मीना ने भावुक होते हुए कहा, “तुम्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे मैं अपने घर आ गई हूं।” अब ये दोनों बहनें हर दिन घंटों तक एक-दूसरे से बातें करती हैं और अपना छूटा हुआ बचपन जी रही हैं।