नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में जीते दो स्वर्ण पदक, हरियाणा का मान बढ़ाया
नीरू ढांडा की ऐतिहासिक जीत
जींद. एशियन गेम्स 2026 में हरियाणा की नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने ट्रैप मिक्स्ड शूटिंग टीम इवेंट में क्यानन चेनाई के साथ मिलकर भारत को गोल्ड दिलाया। यह नीरू का एशियन गेम्स में दूसरा गोल्ड मेडल है, जिससे उनके गांव संगतपुरा और ढांडा खाप में खुशी की लहर दौड़ गई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री की बधाई
नीरू की इस उपलब्धि पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें बधाई दी और आशा जताई कि वे भविष्य में भी ऐसी सफलताएँ हासिल करेंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मां की भावनाएं
मां की आंखों में आए खुशी के आंसू
जब नीरू की जीत की खबर उनके घर पहुंची, तो बधाई देने वालों का तांता लग गया। उनकी मां सुदेश देवी ने कहा, "जब मुझे दूसरे गोल्ड की खबर मिली, तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी हो गई। पिछले तीन दिनों से खुशी के मारे मुझे भूख भी नहीं लग रही है। ये मेरे खुशी के आंसू हैं।"
विशेष चूरमा की इच्छा
बेटी के लिए चूरमा बनाएंगी मां
नीरू ने एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले अपनी मां से देसी घी के चूरमे और ताजा मक्खन खाने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उस समय नीरू बैंगलोर में थी। उनकी मां ने जींद से चूरमा दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचाया।
आर्थिक चुनौतियों का सामना
आर्थिक मुश्किलों के बीच बेटी ने हासिल किया मुकाम
नीरू के परिवार की आर्थिक स्थिति कठिन रही है। उनके पिता सुरेश कुमार एक हादसे में अपाहिज हो गए थे। परिवार के पास पक्का मकान नहीं है और वे छोटे से मकान में रहते हैं। उनकी मां ने पशुओं का दूध बेचकर बेटी के खेल और डाइट का खर्च उठाया।
संगतपुरा की पहली स्वर्ण पदक विजेता
संगतपुरा की पहली बेटी, जिसने एशियन गेम्स में जीते दो गोल्ड
नीरू के पिता सुरेश कुमार ने कहा कि उन्हें जींद से दिल्ली तक का रास्ता भी नहीं पता था। बेटी के जुनून और सोमवीर पहलवान के सहयोग ने सब कुछ संभव कर दिया। नीरू संगतपुरा की पहली बेटी हैं, जिन्होंने एशियन गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
