नेपाल में बाढ़ की स्थिति गंभीर, भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ा
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी
काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद से हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। रविवार को भोटेकोशी नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि होने के कारण अधिकारियों ने नई बाढ़ चेतावनी जारी की है। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और बचाव दलों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या
बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि लगभग 4,248 लोग अब भी लापता हैं। आपदा के पांचवें दिन भी 20,000 से अधिक बचावकर्मी राहत और बचाव कार्य में लगे रहे।
शवों की बरामदगी और रेस्क्यू ऑपरेशन
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने भोटेकोशी नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान लगातार जारी है और विभिन्न स्थानों से शव बरामद किए जा रहे हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि अब तक लगभग 9,500 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ प्रभावित तीन जिलों के स्कूलों से 238 छात्र और 18 शिक्षक अभी भी लापता हैं।
चीन की ओर से बढ़ता खतरा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास पराडिगखड पशुतांगखेड़ा क्षेत्र में हुए भूस्खलन को बाढ़ का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसके कारण भोटेकोशी नदी में अचानक जल स्तर बढ़ गया, जिससे कई घर, सड़कें और पुल बह गए।
भूस्खलन के बाद चीन की ओर एक झील बनने से भी खतरे की आशंका बढ़ गई थी। हालांकि, चीनी मीडिया के अनुसार, शनिवार को झील का आकार कम होने लगा, जिससे तत्काल खतरा कुछ कम हुआ है।
भारतीय टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ के कारण लगभग एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं में लोग फंसे हुए हैं। इनकी मदद के लिए भारत की 11 सदस्यीय टीम नेपाल में सहायता कर रही है।
त्रिशूली जलविद्युत परियोजना में सुरक्षाबल भारतीय सुरंग विशेषज्ञों के साथ मिलकर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं। खराब मौसम और बारिश के बावजूद राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
बिहार में जलस्तर में वृद्धि
नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर बिहार में भी दिखाई देने लगा है। पटना से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में गंडक और कोसी नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
आशंका जताई जा रही है कि सोमवार दोपहर तक बढ़ा हुआ पानी पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज के क्षेत्रों से होकर गुजर सकता है। इससे इन क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
