नोएडा में सीवर सफाई के दौरान सफाई कर्मचारी की मौत, परिवार ने उठाए सवाल
दर्दनाक घटना की जानकारी
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित गेझा गांव में एक सफाई कर्मचारी की सीवर की सफाई के दौरान दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने नोएडा प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि यदि समय पर बचाव कार्य शुरू किया गया होता और मशीनों का उपयोग किया गया होता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
परिवार का आरोप
मृतक के भाई ऋतिक ने कहा कि उनके बड़े भाई सीवर में उतरने के बाद लगभग चार घंटे तक फंसे रहे, लेकिन नोएडा प्राधिकरण का कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया। उन्होंने कहा, "प्राधिकरण के पास बड़ी मशीनें हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया गया। मशीनें केवल खड़ी हैं और जंग खा रही हैं। मेरे भाई के गिरने के बाद एक इंजन भी हटा दिया गया। अंततः पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मिलकर शव को बाहर निकाला। हमें न्याय चाहिए और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम यहां से नहीं हटेंगे।"
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
परिजनों के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद सीवर से कर्मचारी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार का आरोप है कि सफाई के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए और न ही आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि हर बार ऐसी घटनाओं के बाद जांच की बात होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मौतों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कई मामलों में यह पाया गया कि मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरण और गैस डिटेक्टर के सीवर में उतारा गया था। इस तरह की घटनाओं ने बार-बार सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं।
परिवार की मांग
घटना के बाद परिवार ने दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वर्तमान में पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह देखा जा रहा है कि सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई।
